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जाने मसाला चाय से होने वाले फायदों के बारे में …

चाय पीना सेहत के लिए लाभकारी तो नहीं होती लेकिन यदि चाय में कुछ मसाले मिला दिए जाएँ तो वह सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है | मसाला चाय बनाने में जिन मसलों की जरूरत होती है आसानी से वो किचन में आपके उपलब्ध होते है |मसाला चाय में मौजूद बहुत सारे मसालों में खुशबू और औषधीय गुण होते हैं।

चाय बनाने में उपयोग किये जाने वाले मसाले

इस चाय को बनाने के लिए काली चाय, अदरक और अन्य मसालों का उपयोग किया जाता है। मसाला चाय में उपयोग होने वाले प्रमुख मसालों में इलायची, दालचीनी, सौंफ, काली मिर्च और लौंग आदि शामिल हैं। हालांकि, इसके अलावा भी अन्य मसालों का उपयोग किया जा सकता है। सभी प्रकार के मसाले प्रकृति में गर्म होते हैं। इनके कारण मसाला चाय की तासीर भी गर्म होती है जो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाते हैं।

मसाला चाय आपके बाजार में आसानी से उपलब्ध होगा लेकिन यदि आप सेहत से लगाव रखते है तो आप घर पबने मसाले का उपयोग कर सकते है जिससे आपको सेहत के साथ साथ खुशबू और स्वाद का भी आनंद मिल सकता है |

डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि मसाला चाय डिप्रेशन से घिरे लोगों में ऊर्जा देती है और शक्ति प्रदान करने का काम करती है। खराब मूड और डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों के लिए चाय में मसाले के रूप में इलाइची डालने से इन भावनाओं को कम करने में मदद मिलती है |

मसाले चाय में बरते सावधानी –

काली चाय में कैफीन होता है और इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से नुकसान हो सकता है। कुछ लोगों को जो दैनिक जीवन में मसालों का उपयोग नहीं करते हैं उन्हें इस्तेमाल किए जाने वाले मसालों से एलर्जी हो सकती है। इसलिए मसाला चाय के सेवन में सावधानी रखना जरूरी है। अधिक मात्रा में लेने से उल्टी, मितली की शिकायत हो सकती है।

मसाला चाय के फायदे-

मसाला चाय पाचन शक्ति बढ़ाने का काम करती है। पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर करती है। अदरक, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी पाचन बूस्टर का काम करती हैं।

मसाला चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया से जुड़े सूजन के उपचार में फायदेमंद है। इसमें अदरक काम का साबित हो सकता है। वहीं लौंग, दालचीनी में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है।

मधुमेह के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए मसाला चाय का उपयोग कारगर साबित होता है। मसाला चाय में मौजूद जड़ी बूटियां रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर को नियमित करने में मदद करती हैं।

मसाला चाय का सेवन करने से शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद मिलती है। इसलिए जो वजन कम करना चाहते हैं, वे सामान्य चाय के स्थान पर मसाला चाय का सेवन करें।

जो लोग ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हैं तो उन्हें मसाला चाय इस्तेमाल करना चाहिए। इसके पोषक तत्व ब्लड फ्लो और ब्लड सर्कुलेशन कंट्रोल करने में मदद करते हैं। विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है।

मसाला चाय में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट गुण कैंसर के लक्षणों और प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। ये गुण अदरक, दालचीनी और इलाइची में होते हैं।

मासिक धर्म के दौरान दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद कर सकते हैं। मसाला चाय में उपयोग होने वाली चीजों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते है। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। सर्दी-जुकाम से छुटकारे के लिए मसाला चाय लें।

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