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1 अप्रैल से नया टैक्स कानून, जानिए क्या-क्या बदल जाएगा

नई दिल्ली : देश में इनकम टैक्स (Income Tax) को लेकर सबसे बड़ी शिकायत हमेशा यही रही है कि कानून (Law) बहुत जटिल है. आम आदमी के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि उसे किस सेक्शन में क्या करना है और कितना टैक्स देना है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार (Goverment) अब एक नया और ज्यादा सरल कानून लेकर आ रही है, जिसका नाम है इनकम टैक्स एक्ट 2025. यह नया कानून 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू होगा और करीब 64 साल पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा.

इनकम टैक्स एक्ट 1961 उस दौर में बनाया गया था, जब भारत की अर्थव्यवस्था आज जैसी डिजिटल और आधुनिक नहीं थी. समय के साथ इसमें सैकड़ों संशोधन होते चले गए. नतीजा यह हुआ कि कानून इतना भारी और उलझा हो गया कि टैक्स भरना तो दूर, उसे पढ़ना भी मुश्किल हो गया. छोटे टैक्सपेयर्स, नौकरीपेशा लोगों और सीनियर सिटीज़न्स के लिए यह एक बड़ी समस्या बन चुका था. सरकार का मानना है कि अब समय आ गया था कि पूरे कानून को नए सिरे से लिखा जाए.

सरकार के मुताबिक नया टैक्स कानून लगभग 50 फीसदी छोटा होगा. इसमें भाषा को आसान किया गया है ताकि आम लोग भी बिना टैक्स एक्सपर्ट की मदद के नियम समझ सकें. गैरज़रूरी सेक्शन हटाए गए हैं और कई पुराने व बेकार टैक्स प्रावधानों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. सरकार का दावा है कि इससे टैक्स को लेकर होने वाले विवाद और कोर्ट-कचहरी के मामले भी कम होंगे.

सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आपकी टैक्स स्लैब वही रहेगी, जो पहले थी. यह कानून रेवेन्यू न्यूट्रल है, मतलब सरकार की कमाई पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब टैक्स भरने के नियम ज्यादा साफ और समझने में आसान होंगे.

अब तक इनकम टैक्स में प्रीवियस ईयर और असेसमेंट ईयर जैसे मुश्किल शब्द लोगों को भ्रम में डालते थे. नए कानून में इसे खत्म कर दिया गया है. अब सिर्फ एक ही शब्द होगा टैक्स ईयर. इससे ITR भरने की प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी. इसके अलावा, अगर कोई टैक्सपेयर तय तारीख के बाद भी रिटर्न फाइल करता है, तो उसे TDS रिफंड पाने का अधिकार मिलेगा, जो पहले आसान नहीं था.

सरकार ने साफ किया है कि बजट 2026-27 में टैक्स से जुड़े जो भी नए बदलाव होंगे, चाहे वो पर्सनल टैक्स हों, कॉरपोरेट टैक्स या HUF से जुड़े नियम, सभी को इसी नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत शामिल किया जाएगा. संसद से मंजूरी मिलने के बाद अब इसके नियम और टैक्स फॉर्म तैयार किए जा रहे हैं.

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