
नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों और नागरिक निकायों के 702 नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह जानकारी एलजी कार्यालय द्वारा दी गई। इन नियुक्तियों में दिल्ली सरकार के शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), और दिल्ली अग्निशमन सेवाओं जैसे विभाग शामिल हैं। 702 नियुक्तियों में से, 232 नियुक्तियां स्वास्थ्य विभाग में, 200 शिक्षा विभाग में, 119 योजना विभाग में, और 88 प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा विभाग में की गई हैं। इसके अलावा, एमसीडी और एनडीएमसी में भी भर्तियां की गई हैं। यह पहल विभागों में रिक्त पदों को भरने और कामकाज में सुधार के उद्देश्य से की गई है।
इन नियुक्तियों में महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, और आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों का भी चयन किया गया है, जो निर्धारित मानदंडों के अनुरूप है। एलजी सक्सेना ने अपने कार्यकाल के दौरान संविदा और तदर्थ नियुक्तियों की तुलना में स्थायी भर्तियों को प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में, पिछले दो वर्षों में दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) और यूपीएससी के माध्यम से लगभग 22,000 स्थायी नियुक्तियां की गई हैं।
यह कार्यक्रम पिछले दो वर्षों में इस प्रकार का छठा आयोजन था। इस अवसर पर बोलते हुए, एलजी ने नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई दी और समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की प्रगति में योगदान देने का अवसर है। सक्सेना ने कहा कि स्थायी भर्तियां शासन में दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। उन्होंने सेवा विभाग और डीएसएसएसबी को लंबित 20,000 रिक्तियों को जल्द भरने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नवनियुक्त कर्मचारियों ने पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के लिए एलजी का आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि इससे पहले एलजी वीके सक्सेना ने 47 सिख दंगा पीड़ित परिवार के सदस्यों को नियुक्ति पत्र दिया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा था यह पहले हो जाना चाहिए था। नौकरशाहों के चलते इतनी देरी हुई।