अमेरिका की तरह इस देश ने भी ड्रग्स तस्करी के आरोप में पड़ोसी पर ठोका टैरिफ

वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति अपनी टैरिफ राजनीति से जमकर प्रभावित किया है। इससे पहले खुले तौर पर टैरिफ का इस्तेमाल किसी खास देश या उसकी सरकार के खिलाफ ही किया जाता था, लेकिन अब कोई भी, किसी पर भी आरोप लगा उसके खिलाफ टैरिफ का ऐलान कर देता है। ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए टैरिफ के बाद अब दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर ने अपने पड़ोसी कोलंबिया पर निशाना साधा है। इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने बुधवार को कोलंबिया से आयात पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की और अपने पड़ोसी देश पर ड्रग्स गिरोहों से निपटने में मदद न करने का आरोप लगाया।
इक्वाडोर का यह कदम ठीक उसी तरह उठाया गया, जिस तरीके से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको के खिलाफ टैरिफ बढ़ा दिया था। इसके अलावा ट्रंप ने चीन और कनाडा के खिलाफ भी टैरिफ फेंटानिल की तस्करी का आरोप लगा टैरिफ की धमकी दी थी। इक्वाडोर के दक्षिणपंथी राष्ट्रपति नोबोआ ट्रंप के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। ट्रंप प्रशासन का वेनेजुएला पर लिया गया ऐक्शन और उसके बाद कोलंबिया के राष्ट्रपति के साथ वाद-विवाद इनके मन के मुताबिक रहा। अपने देश में बढ़ते ड्रग्स उपभोग का आरोप कोलंबिया पर लगा उन्होंने घोषणा की कि 1 फरवरी से कोलंबिया से आयात होने वाले सामान पर यह टैरिफ प्रभावी हो जाएंगे।
एक लेख में नोबोआ ने कहा, “हमने कोलंबिया के साथ सहयोग करने के लिए वास्तविक प्रयास किए हैं, भले ही हमारा व्यापार घाटा सालाना 1 अरब डॉलर से अधिक हो। लेकिन इसके बाद भी हमारी सेना को कोलंबिया की सीमा पर ड्रग्स तस्करों से अकेले सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कोलंबिया इसमें सहयोग करने में दिलचस्पी नहीं रखता है।” बुधवार को दावोस विश्व आर्थिक मंच में हिस्सा लेने पहुंचे नोबोआ ने कहा, “यह टैरिफ तब तक लागू रहेंगे, जब तक कोलंबिया हमारी चिंता को गंभीरता से नहीं लेता और सीमा पर से होने वाली ड्रग्स की तस्करी को रोक नहीं देता।” इसके अलावा इक्वाडोर के गृहमंत्री जॉन ने कहा कि कोलंबिया का प्रशासन ड्रग्स को रोकने में कोई भूमिका नहीं निभाना चाहता।
इक्वाडोर का कहना चाहे जो भी हो लेकिन ट्रंप के साथ सीधे विरोध लेने वाले कोलंबिया के वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ड्रग्स तस्करी पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देने का वादा किया। उन्होंने एक ट्वीट करके भी इस बात की जानकारी दी कि इक्वाडोर की सीमा पर 200 टन से अधिक कोकीन जब्त की गई है। कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने भी एक्स पर की गई एक पोस्ट में बतायाज कि बोगोटा और क्विटो ने “नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ घनिष्ठ और ऐतिहासिक सहयोग” बनाए रखा है।
आपको बता दें, इक्वाडोर कुछ ही वर्षों में दक्षिण अमेरिका के सबसे सुरक्षित देशों में से एक से कोकीन तस्करी का एक प्रमुख केंद्र बन गया है, जो मैक्सिकन और कोलंबियाई कार्टेल से जुड़े गिरोहों से ग्रस्त है। जिनेवा की एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 के अंत तक इक्वाडोर में प्रति 100,000 निवासियों पर 52 हत्याओं की दर थी,यानी हर घंटे एक हत्या।
प्रशांत महासागर से लेकर अमेजन के जंगलों तक कोलंबिया के साथ इसकी 600 किलोमीटर (370 मील) लंबी सीमा खुली हुई है और इसमें अनगिनत अवैध घुसपैठ के रास्ते हैं जिनका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जाता है। नोबोआ ने अमेरिका और अन्य विदेशी शक्तियों को देश में सैन्य अड्डे स्थापित करने की अनुमति देने का विचार रखा, लेकिन नवंबर में हुए जनमत संग्रह में इस प्रस्ताव को भारी बहुमत से खारिज कर दिया गया। मतदान के बाद, अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए एंडीज पर्वत श्रृंखला में वायु सेना के कर्मियों की अस्थायी तैनाती की घोषणा की।



