
राष्ट्रीय वॉलीबॉल का महाकुंभ : हर अंक पर जुनून, हर जंप पर जज्बा
काशी के कोर्ट पर गूंजा भारत, दूसरे दिन खेल ने जीता दिल
–सुरेश गांधी
वाराणसी : काशी की धरती पर खेला जा रहा 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप अब सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय खेल चेतना का उत्सव बन चुका है। डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के कोर्ट पर दूसरे दिन जो दृश्य उभरा, उसने यह साफ कर दिया कि राष्ट्रीय वॉलीबॉल का भविष्य मजबूत हाथों में है। हर अंक के लिए लड़ी गई जंग, हर डाइव में छलकता जज्बा और हर स्मैश में झलकता आत्मविश्वास, यही इस ‘खेल महाकुंभ’ की पहचान बन गई। दूसरे दिन मुकाबलों की रफ्तार और रोमांच ने दर्शकों को सीट से बांधे रखा। तकनीकी कौशल, सटीक सर्विस, ऊंचे जंप और आक्रामक स्मैश के बीच यह साफ दिखा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैली प्रतिभा एक ही धागे में बंधकर कोर्ट पर उतर रही है।
पुरुष वर्ग : दमखम और दबदबे की रही गूंज
पुरुष वर्ग में हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बीच खेला गया मुकाबला दिन का सबसे रोमांचक संघर्ष रहा। चार सेट तक चले इस मैच में हिमाचल ने संयम और निरंतरता के दम पर 3-1 से जीत दर्ज कर यह जता दिया कि पहाड़ों की टीम दबाव में भी कैसे खेलती है। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र जैसी दिग्गज टीमों ने अपने-अपने मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर खिताबी इरादों को मजबूती दी। सर्विसेज बनाम पंजाब मुकाबला भी खास रहा। सर्विसेज की आक्रामक रणनीति, अनुशासित ब्लॉक और सटीक स्मैश के सामने पंजाब का डिफेंस टिक नहीं सका। 3-0 की जीत ने यह दिखा दिया कि क्यों सर्विसेज हमेशा बड़े मंच पर खतरनाक मानी जाती है।
महिला वर्ग : संतुलन, गति और आत्मविश्वास
महिला वर्ग में महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने अपनी श्रेष्ठता का स्पष्ट प्रदर्शन किया। दोनों टीमों ने एकतरफा जीत दर्ज कर यह संकेत दे दिया कि वे सिर्फ मैच नहीं, बल्कि टूर्नामेंट की दिशा तय करने उतरी हैं। दिल्ली, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश की जीतों ने प्रतियोगिता को और दिलचस्प बना दिया है।
राष्ट्रीय गौरव का मंच
छत्तीसगढ़ की चंडीगढ़ पर जीत और असम की पुदुचेरी पर सफलता ने यह साबित किया कि यह चैंपियनशिप सिर्फ बड़ी टीमों का खेल नहीं, बल्कि उभरती ताकतों का भी मंच है। यही इस राष्ट्रीय आयोजन की आत्मा है, प्रतिस्पर्धा के साथ समावेश।
मनोज तिवारी की मौजूदगी से बढ़ा जोश
दूसरे दिन मुकाबले देखने पहुंचे सांसद मनोज तिवारी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। सर्विसेज और पंजाब की टीमों से परिचय प्राप्त कर उन्होंने कहा कि देश की मिट्टी में छिपी यही प्रतिभा भविष्य के ओलंपिक सितारे गढ़ेगी। आयोजक समिति के अध्यक्ष एवं महापौर अशोक कुमार तिवारी द्वारा उनका स्वागत किया गया।
खेल का संदेश
यह चैंपियनशिप सिर्फ जीत-हार की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय वॉलीबॉल के पुनर्जागरण का संकेत है। यहां हर खिलाड़ी अपने राज्य का नहीं, पूरे देश का प्रतिनिधि बनकर खेल रहा है। काशी की यह प्रतियोगिता बताती है कि अगर मंच मिले, तो भारत की युवा शक्ति किसी से कम नहीं। तीसरे दिन के मुकाबले और भी रोमांचक होने का वादा कर रहे हैं। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, यह ‘महाकुंभ’ भारतीय खेल इतिहास में एक यादगार अध्याय लिखता जाएगा।



