दिल्ली के रिठाला में भीषण आग का तांडव: 100 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक, 17 वर्षीय लड़की की मौत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रिठाला इलाके में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से झुग्गी बस्ती में भारी तबाही मच गई। आग की चपेट में आकर 100 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, जबकि एक 17 वर्षीय लड़की की दर्दनाक मौत हो गई। आग लगने के बाद से लड़की लापता थी, बाद में दमकलकर्मियों ने मलबे से उसका जला हुआ शव बरामद किया। अधिकारियों को आग लगने की सूचना तड़के करीब सवा चार बजे मिली थी।
घनी झुग्गी बस्ती में तेजी से फैली आग
बताया जा रहा है कि आग घनी आबादी वाली झुग्गियों में इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते आग ने कई झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग अपनी झोपड़ियों से बाहर भागने लगे।
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस बस्ती में बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आए प्रवासी मजदूर रहते हैं। ये लोग आसपास के कारखानों, निर्माण स्थलों और छोटे प्रतिष्ठानों में दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
दमकल की 18 से अधिक गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
दिल्ली अग्निशमन सेवा को आग की सूचना मिलते ही बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 18 से अधिक गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया। दमकलकर्मियों और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मिलकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया।
आग पर काबू पाने के बाद मलबे की तलाशी के दौरान 17 वर्षीय लड़की का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ। एक अधिकारी के अनुसार आग लगने तक लड़की लापता थी, जिसके बाद खोजबीन के दौरान उसका शव मिला।
कागज और गत्ते के गोदाम तक पहुंची आग
अधिकारियों के मुताबिक झोपड़ियां एक-दूसरे के बेहद करीब बनी हुई थीं और उनमें प्लास्टिक की चादरें, लकड़ी के तख्ते और कपड़े जैसे ज्वलनशील सामान मौजूद थे। इसी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई।
आग झुग्गियों से होते हुए पास स्थित कागज रोल और गत्ते के गोदाम तक पहुंच गई। इसके अलावा आसपास के कुछ आवासीय फ्लैटों के दरवाजे और खिड़कियां भी आग की चपेट में आ गए। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब साढ़े छह बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
बीएसए अस्पताल भेजा गया शव, जांच जारी
मृत लड़की के शव को पुलिस ने बीएसए अस्पताल पहुंचा दिया है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान कर ली गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
मजदूरों की मेहनत कुछ ही मिनटों में राख
आग से प्रभावित कई परिवारों ने बताया कि उन्हें अपनी जान बचाने के लिए सारा सामान छोड़कर भागना पड़ा। बिहार के एक मजदूर रमेश कुमार ने कहा कि आग लगते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागे और कुछ ही मिनटों में सब कुछ जलकर राख हो गया। उनकी झोपड़ी, कपड़े, पैसे और जरूरी दस्तावेज सब कुछ आग में खाक हो गया।
पश्चिम बंगाल की एक महिला ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बच्चों को जगाकर बाहर भागने का मुश्किल से ही समय मिला। चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी और कोई भी अपना सामान नहीं बचा पाया।
घटना के बाद कई लोग अपनी जली हुई झोपड़ियों में यह उम्मीद लेकर तलाश करते नजर आए कि शायद उनका कोई सामान बच गया हो। उत्तर प्रदेश के एक मजदूर ने कहा कि वर्षों की मेहनत से उन्होंने अपनी छोटी-सी झोपड़ी बनाई थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया।
पुलिस का कहना है कि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।



