गन्ना किसानों पर बरसेगा पैसा! 6 साल बाद सरकार लेने जा रही यह फैसला

नई दिल्ली: किसानों की सबसे पसंदीदा नकदी फसल गन्ने की खेती करने वालों की चांदी होने वाली है. मोदी सरकार गन्ना किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सप्ताहभर के अंदर दूसरी बार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. इससे देश के कई प्रदेशों के किसानों को फायदा मिलेगा. खासकर यूपी और बिहार के किसानों को इसका ज्यादा लाभ मिलेगा, क्योंकि इन राज्यों में गन्ना सबसे पसंदीदा नकदी फसल है. गन्ने की फसल से जुड़ा यह फैसला सरकार 6 साल बाद लेने जा रही है.
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा है कि सरकार गन्ने का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) बढ़ा चुकी है और अब चीनी की MSP बढ़ाने पर विचार चल रहा है. बीते कई साल से इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (Isma) चीनी का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहा है. इस पर खाद्य सचिव ने कहा कि हम इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. सरकार पूरे मामले से अवगत है और जल्द कुछ फैसला हो सकता है.
चीनी मिल संगठन का कहना है कि हमने सरकार से गन्ने की कीमत के आधार पर चीनी का एमएसपी बढ़ाने की गुहार लगाई है. इसमें खेती की लागत और कीमत के अलावा उद्योगों के खर्च को भी शामिल करने का आग्रह किया है. इस लिहाज से चीनी का MSP 3,900 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए, क्योंकि गन्ने का MSP 340 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच चुका है. चीनी का MSP बीते 6 साल से यानी 2018 से ही नहीं बढ़ा है, जो 3,100 रुपये पर स्थिर है.
सरकार ने जून, 2018 में पहली बार चीनी पर MSP लागू किया था. इसका मकसद चीनी मिलों को उनकी लागत का सही मूल्य दिलाना था, ताकि गन्ना किसानों का बकाया चुकाया जा सके और उन्हें समय पर पैसे का भुगतान हो. यह बात तो सभी जानते हैं कि मिलों के पास किसानों का हजारों करोड़ रुपये का भुगतान बकाया चल रहा था. 2018 में MSP लागू होने के बाद किसानों के भुगतान में भी तेजी आई है.
इस्मा ने कहा है कि चीनी का MSP बढ़ाए जाने से मिलों के पास 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी आएगी और वे किसानों का बकाया पैसा जल्दी चुका सकेंगे. इसका फायदा सीधे तौर पर 50 लाख किसानों को मिलेगा. आर्थिक मामलों की कैबिनेट ने भी चीनी पर 10.25 फीसदी फेयर रिटेल प्राइज FRP बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. खाद्य सचिव ने कहा कि चीनी मिलें अगर फर्टिलाइजर्स कंपनियों को पोटाश बेचें तो भी उन्हें अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकेगा.
इससे पहले सरकार ने बुधवार को गन्ने का न्यूनतम खुदरा मूल्य 8 फीसदी बढ़ा दिया था. यह हाल के वर्षों में की गई सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी. गन्ना सीज 2024-25 के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 340 रुपये का भुगतान किया जाएगा. बीते साल सरकार ने गन्ने का FRP महज 3 फीसदी ही बढ़ाया था, जबकि इस बार इसका करीब 3 गुना बढ़ा दिया गया है.