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मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है, उन्हीं की कृपा से पहुँचा काशी: PM मोदी

देहरादून: प्रधानमंत्री मोदी आज उत्तराखंड के दौरे पर हैं। मां गंगा का मायका कहे जाने वाले उत्तरकाशी के मुखबा गांव पहुंचे मोदी ने उनकी पूजा-अर्चना के साथ आरती भी की। स्थानीय लोगों से मुलाकात के बाद पीएम हर्षिल पहुंचे। यहां जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यहां आकर ऐसा लग रहा है कि जैसे मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। मोदी ने कहा कि आज एक बार फिर यहाँ आकर,आप सब अपने परिवारजनों से मिलकर मैं धन्य हो गया हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि चार धाम और अनंत तीर्थों का आशीर्वाद जीवनदायिनी मां गंगा का ये शीतकालीन गद्दी स्थल है। आज एक बार फिर यहां आकर, आप सब अपने परिवारजनों से मिलकर मैं धन्य हो गया हूं। मोदी ने आगे कहा कि मां गंगा के आशीर्वाद से ही मुझे दशकों तक उत्तराखंड की सेवा करने का मौका मिला। मेरा मानना है कि उन्हीं की कृपा से मैं काशी पहुँचा और अब काशी के सांसद के रूप में सेवा कर रहा हूं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैंने काशी में कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। कुछ महीने पहले,मुझे ऐसा भी लगा कि मां गंगा ने अब मुझे गोद ले लिया है। पीएम ने आगे कहा कि उत्तराखंड की प्रगति के लिए यहां नए रास्ते खुल रहे हैं। जिन आकांक्षाओं के साथ उत्तराखंड का जन्म हुआ था,उत्तराखंड के विकास के लिए हमने जो संकल्प लिए थे,वह संकल्प आज नई सफलताओं की ओर बढ़ते हुए सिद्ध हो रहे हैं। शीतकालीन पर्यटन इस दिशा में एक और बड़ा महत्वपूर्ण कदम है,इसके जरिए उत्तराखंड की आर्थिक संभावनाओं को साकार करने में मदद मिलेगी,मैं इसके लिए उत्तराखंड सरकार को बधाई देता हूं।

मोदी ने कहा, मुझे भारत की फिल्म इंडस्ट्री से भी अपेक्षाए हैं। उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म-फ्रेंडली स्टेट का अवॉर्ड मिला है। यहां आधुनिक सुविधाएं तेजी से विकसित हो रही हैं, इसलिए खासतौर पर सर्दियों के दिनों में उत्तराखंड पूरे भारत में फिल्म शूटिंग के लिए पसंदीदा जगह बन सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, आज पहाड़ों में इको-लॉज, कन्वेंशन सेंटर, हेलीपैड और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तराखंड के टिम्मरसैंण महादेव, माणा गांव और जधांग गांव में पर्यटन परियोजनाओं का पुनर्विकास किया जा रहा है।

नरेंद्र मोदी बोले, मैं चाहता हूं कि उत्तराखंड सरकार एक बड़ी प्रतियोगिता आयोजित करे। रचनाकारों और प्रभावशाली लोगों को शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पांच मिनट की फिल्में बनानी चाहिए और सर्वश्रेष्ठ को पुरस्कृत किया जाना चाहिए। इसमें पूरे देश के लोगों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे बड़े पैमाने पर प्रचार होगा। जब ऐसी प्रतियोगिता आयोजित की जाती है, तो नए स्थानों का पता चलेगा और फिल्मों के माध्यम से उन्हें दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।

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