
जयपुर : श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की मंगलवार दोपहर जयपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनके घर में घुसकर उन पर फायरिंग की और फरार हो गए। क्रॉस फायरिंग में एक बदमाश नवीन सिंह शेखावत की मौत हो गई है। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को मेट्रो मास अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस फायरिंग में अजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय अजीत गोगामेडी के साथ थे।
पुलिस के मुताबिक, सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का घर श्याम नगर जनपथ पर है। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो बदमाश उनके घर पहुंचे। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के आते ही बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, गोगामेड़ी को चार गोलियां लगीं। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। लेकिन उन्होंने भागने के लिए एक कार को हाईजैक करने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर ने कार भगा दी।
तभी उन्होंने पीछे से आ रहे एक सवार से स्कूटी छीन ली और भाग निकले। श्याम नगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्ववीट कर कहा श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के समाचार से स्तब्ध हूँ। इस संदर्भ में पुलिस कमिश्नर से जानकारी ली है और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ़्तारी के लिए कहा है। सामाजिक जनों को शांति और धैर्य रखना होगा। भाजपा सरकार के शपथ लेते ही राज्य को अपराधमुक्त करना हमारी अग्रणी प्राथमिकताओं में है। गोगामेड़ी की आत्मा को प्रभु शांति प्रदान करें। परिजनों और समर्थकों- शुभचिंतकों को संबल प्राप्त हो।
पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा, “तीन लोग यहां आए थे और उन्होंने सुखदेव सिंह से मिलने के लिए कहा। अनुमति मिलने के बाद वे अंदर गए…उनसे करीब 10 मिनट तक बातचीत की और फिर सुखदेव सिंह पर फायरिंग कर दी। सुखदेव सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना में उनका एक सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक हमलावर की भी मृत्यु हुई है…पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है…”
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी लंबे समय तक राष्ट्रीय करणी सेना से जुड़े रहे और बाद में संगठन में विवाद के बाद उन्होंने इसे छोड़ दिया और अपना अलग संगठन बना लिया। फिल्म पद्मावत को लेकर राजस्थान में हुए विरोध प्रदर्शन और गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर मामले के चलते वह चर्चा में आए थे।