पर्यटन

न रेत, न मिट्टी…कच्छ का नमक का समंदर देखने के बाद भूल जाएंगे स्विट्जरलैंड

नई दिल्ली। गुजरात के कच्छ जिले का रण, मीलों तक फैला नमक का सफेद रेगिस्तान, अपनी अद्भुत खूबसूरती और अनोखे अनुभव के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। चांदनी रात में यहां का दृश्य देखते ही बनता है। इस रेगिस्तान ने सदियों से कई राजवंशों और शासकों का स्वागत किया है, और आज यह पर्यटन प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

रण उत्सव की रंगत
हर साल दिसंबर से मार्च के बीच रण उत्सव का आयोजन किया जाता है, जो भारत-पाक सीमा के पास धोरडो गांव में स्थित है। इस उत्सव में कच्छी कलाकारों के हस्तशिल्प, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियां और संगीत का अनोखा संगम देखने को मिलता है। यह उत्सव राज्य की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाता है और पर्यटकों को यादगार अनुभव प्रदान करता है।

टेंट सिटी का अनुभव
रण उत्सव के लिए गुजरात टूरिज्म बोर्ड द्वारा धोरडो गांव में अस्थायी टेंट सिटी बनाई जाती है। यहां बेसिक, डीलक्स और प्रीमियम टेंट के विकल्प मिलते हैं। टेंट सिटी में आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय खान-पान, लोकनृत्य और संगीत का भरपूर आनंद लिया जा सकता है।

कच्छ कैसे पहुंचें
गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट और भुज से कच्छ आसानी से पहुंचा जा सकता है। भुज एयरपोर्ट से टेंट सिटी तक लगभग 1.5 घंटे का सफर है। आप बस, टैक्सी या निजी वाहन से आरामदायक यात्रा कर सकते हैं।

देखने लायक जगहें

  • धोलावीरा: सिंधु घाटी सभ्यता का प्राचीन शहर, खादिर आईलैंड में स्थित, जो इतिहास प्रेमियों के लिए अद्भुत अनुभव है।
  • काला डूंगर: काली पहाड़ी के नाम से प्रसिद्ध, यह स्थल कच्छ का मनोरम दृश्य और पाकिस्तान सीमा के पास की आर्मी पोस्ट देखने का अवसर देता है।
  • मांडवी: समुद्र, रेत और सूरज के संग आनंद लेने के लिए उपयुक्त, यहां ऊंट और घुड़सवारी का मजा लिया जा सकता है।
  • पिंग्लेश्वर बीच: सुनहरी रेत और शांत वातावरण के लिए आदर्श, भीड़-भाड़ से दूर यह जगह सुकूनभरे पल देती है।

कच्छ का नमक का रण न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरा है, बल्कि संस्कृति, इतिहास और साहसिक अनुभव का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करता है।

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