फ्लाइट किराए पर नया बवाल! फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने पर सरकार सख्त

नई दिल्ली : हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए पिछले दो दिनों में आई खबरों ने हलचल मचा दी है। एक तरफ जहां इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर यात्रियों पर एक्स्ट्रा बोझ डाल दिया, वहीं अब सरकार इस मामले में एक्टिव हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ संकेत दिए हैं कि वह एयरलाइंस के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगा ताकि यात्रियों पर ज्यादा भार न पड़े।
बता दें कि इंडिगो ने दो दिन पहले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी का ऐलान किया। यह नए रेट 2 अप्रैल 2026 की रात 12:01 बजे के बाद की गई सभी बुकिंग्स पर लागू हो गए हैं। इस फैसले के बाद अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय पहले की तुलना में ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। एयरलाइन का कहना है कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में करीब 25% की बढ़ोतरी के चलते यह कदम उठाना पड़ा है।
इंडिगो के इस फैसले के बाद अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मामले पर संज्ञान लिया है। मंत्रालय जल्द ही एयरलाइंस के साथ बैठक करेगा और यह समझने की कोशिश करेगा कि आखिर किराया कैप हटने के बावजूद फ्यूल सरचार्ज क्यों लगाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि ATF कीमतों में बढ़ोतरी का उद्देश्य एयरलाइंस को राहत देना था, न कि यात्रियों पर एक्स्ट्रा बोझ डालना। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि एयरलाइंस इस बढ़ोतरी को किस तरह लागू कर रही हैं।
मंत्रालय ने फिलहाल एयरलाइंस को कोई निर्देश जारी नहीं किया है, लेकिन यह साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर बातचीत करेगा। सरकार का फोकस इस बात पर है कि टिकट कीमतों का बोझ सीधे यात्रियों पर न पड़े। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार और एयरलाइंस के बीच संतुलन बनता है, तो आने वाले दिनों में फ्यूल सरचार्ज में राहत मिल सकती है या किराए को कंट्रोल किया जा सकता है।



