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एयर इंडिया ड्रीमलाइनर फ्यूल स्विच में कोई खराबी नहीं, तकनीकी जांच में सही पाए गए

नई दिल्‍ली : एयर इंडिया (Air India) के ग्राउंड किए गए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर को लेकर विमानन मंत्रालय ने मंगलवार को राहत भरी जानकारी दी है। मंत्रालय ने बताया है कि विमान के दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच पूरी तरह संतोषजनक स्थिति में पाए गए हैं, जबकि पायलट ने इंजन स्टार्ट के दौरान एक स्विच के ‘RUN’ पोज़िशन में ठीक से लॉक न रहने की शिकायत की थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, यह जांच विमान निर्माता बोइंग की सिफारिशों के आधार पर की गई। एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम ने यह निरीक्षण DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के अधिकारियों की मौजूदगी में किया।

मंत्रालय ने कहा कि बाएं और दाएं, दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच की बारीकी से जांच की गई। जांच में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। दोनों स्विच संचालन के लिए सुरक्षित और सही स्थिति में हैं। हालांकि DGCA ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि फ्यूल स्विच को सही तरीके से हैंडल नहीं किया जाए, तो वह ‘RUN’ और ‘CUTOFF’ के बीच फिसल सकता है। लंदन में एक फरवरी को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर वीटी-एएनएक्स में इंजन स्टार्ट करते समय ईंधन नियंत्रण स्विच संबंधी समस्या आ गई थी।

यह मुद्दा इसलिए खास ध्यान में है क्योंकि जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी। उस दुर्घटना की शुरुआती जांच में सामने आया था कि टेकऑफ के कुछ ही क्षण बाद विमान के इंजन फ्यूल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ में चले गए थे, जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया। इसी पृष्ठभूमि में हालिया घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया और तुरंत विमान को ग्राउंड कर दिया गया था।

विमानन मंत्रालय ने दोहराया कि “यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता।” इसी कारण पायलट की शिकायत मिलते ही विमान को उड़ान से रोक दिया गया और विस्तृत तकनीकी जांच कराई गई। हालांकि स्विच सही पाए गए हैं, लेकिन विमान को सेवा में लौटाने से पहले सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। DGCA और एयर इंडिया दोनों स्थिति पर करीबी नज़र बनाए हुए हैं। जहां एक ओर जांच रिपोर्ट ने राहत दी है, वहीं पिछली दुर्घटना की यादों के कारण ड्रीमलाइनर विमानों की तकनीकी सुरक्षा पर निगरानी और कड़ी हो गई है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि विमानन क्षेत्र में छोटी-सी तकनीकी शंका को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाता।

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