अब कौन संभालेगा अजित दादा की विरासत? पार्टी में मंथन शुरू, रेस में ये दो नाम सबसे आगे

मुंबई: बारामती प्लेन क्रैश में अजित पवार के निधन के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी के भविष्य के साथ-साथ अजित पवार के बदले सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, इसको लेकर भी चर्चा हो रही है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार से कई नेताओं ने मुलाकात की है। राजनीतिक हलकों में इस संभावित उत्तराधिकार को लेकर दो नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं अजित पवार की पत्नी एवं राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार और उनके ज्येष्ठ पुत्र पार्थ पवार।
क्या पवार परिवार से ही आएगा अगला प्रत्याशी?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बारामती सीट पर पवार परिवार का प्रभाव इतना गहरा है कि यदि कभी उपचुनाव जैसी स्थिति बनती है, तो पार्टी परिवार के ही किसी सदस्य को मैदान में उतार सकती है। ऐसे में जीत की संभावना भी मजबूत मानी जाती है। सवाल सिर्फ इतना है कि परिवार किस चेहरे पर भरोसा जताता है। पिछले तीन वर्षों में पवार परिवार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। जुलाई 2023 में अजित पवार द्वारा पार्टी में अलग राह चुनने और बड़ी संख्या में विधायकों को अपने साथ लाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बने।
बारामती की राजनीति और बदलते समीकरण
बारामती संसदीय क्षेत्र में जहां सुनेत्रा पवार को हार का सामना करना पड़ा, वहीं इसके कुछ ही महीनों बाद हुए विधानसभा चुनाव में अजित पवार ने आठवीं बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। उस चुनाव में उनके मुकाबले शरद पवार ने अपने भतीजे युगेंद्र पवार को मैदान में उतारा था। अब जब भविष्य की राजनीति को लेकर चर्चा हो रही है, तो समर्थकों का एक वर्ग चाहता है कि सुनेत्रा पवार को विधानसभा राजनीति में लाया जाए, जबकि दूसरा वर्ग पार्थ पवार को अगली पीढ़ी के प्रतिनिधि के रूप में देखना चाहता है।
सुनेत्रा बनाम पार्थ आखिर कौन ज्यादा मजबूत?
सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा की सदस्य हैं और राष्ट्रीय राजनीति का अनुभव रखती हैं। वहीं पार्थ पवार 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव हारने के बाद सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर हैं। हालांकि, समर्थकों का मानना है कि यह मौका उनकी राजनीतिक वापसी और महत्वाकांक्षा को नई दिशा दे सकता है। सूत्रों के अनुसार, पवार परिवार के भीतर बदले समीकरणों के चलते इस बार शरद पवार और सुप्रिया सुले का झुकाव भी पार्थ पवार की ओर हो सकता है।
उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी अटकलें
भविष्य में यदि सत्ता संतुलन में बदलाव आता है, तो मौजूदा सरकार में नेतृत्व और जिम्मेदारियों को लेकर भी नए सिरे से मंथन होना तय माना जा रहा है। हालांकि, इस पर अभी किसी ठोस अनुमान से इनकार किया जा रहा है।



