नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को हर हाल में तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि लागत में अनावश्यक वृद्धि न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर आ रही प्रशासनिक या तकनीकी बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर मामलों को शासन स्तर पर भेजा जाए।
स्थानीय स्तर पर समाधान और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर
डॉ. आर.एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने भूमि और समन्वय से जुड़े मामलों को स्थानीय स्तर पर सुलझाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य तय कर उसी के अनुसार कार्य करें। लंबित टेंडर, स्वीकृतियां और तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा करने के साथ जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।
पर्यटन सीजन के लिए प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश
आगामी यात्रा सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव ने प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग को चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समय से पूरा करने को कहा। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा, समयसीमा तय
बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। लगभग 41 करोड़ रुपये की लागत से कैंची धाम सौंदर्यीकरण और प्रकाशीकरण कार्य को जून 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं, 3678 करोड़ रुपये की लागत वाली जमरानी बांध परियोजना को जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य दोहराया गया।

इसके अलावा 298 करोड़ रुपये की बलियानाला भूस्खलन उपचार परियोजना, 67 करोड़ रुपये की काठगोदाम बस टर्मिनल और 28 करोड़ रुपये की रामनगर बस टर्मिनल परियोजनाओं को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं पर खास फोकस
गर्मी के मौसम को देखते हुए जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इंद्रानगर नाले की सीवरेज योजना, कालाआगर पेयजल योजना समेत अन्य परियोजनाओं को समय पर पूरा कर लोगों को सुचारू पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
हल्द्वानी शहर के सीवरेज पैकेज, नमो भवन निर्माण और नैनीताल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। नमो भवन परियोजना में देरी पर मुख्य सचिव ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
कुमाऊं विश्वविद्यालय में बीएड और विधि संकाय भवन, 100 शैया मानसिक चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में कैंसर संस्थान जैसी परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
जनसेवा और राजस्व मामलों में सुधार के प्रयास
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बैठक में बताया कि जिले में राजस्व विवादों के निस्तारण, विरासत नामांतरण और अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अब तक 21 हजार से अधिक वारिसानों को लाभ दिया गया है, जबकि 2200 से अधिक राजस्व मामलों में से अधिकांश का निस्तारण किया जा चुका है।
जन शिकायतों का मौके पर निस्तारण
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत 50 स्थानों पर शिविर लगाए गए, जिनमें 10 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिला। 3600 से ज्यादा शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष में राहत वितरण पूरा
जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि वितरित कर दी गई है। इस मद में करीब 2.91 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है।
नेटवर्क और बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर
मुख्य सचिव ने मोबाइल नेटवर्क बेहतर करने के लिए टेलीकॉम प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने और आवश्यक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।




