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टीबी उन्मूलन की राह पर प्रदेश फिर सबसे ज्यादा मरीज खोजे

बीते साल 6.75 लाख मरीज खोजने के लक्ष्य के सापेक्ष 6.90 लाख मरीजों की पहचान व इलाज किया गया, नैट मशीन से जांच भी दुगनी हुई, 27 लाख से ज्यादा मामलों की जांच की गई

लखनऊ : ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) उन्मूलन के लिए ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान व इलाज के फार्मूले पर उत्तर प्रदेश एक बार फिर अव्वल रहा है। बीते साल प्रदेश ने 6.75 लाख मरीज खोजने के लक्ष्य के सापेक्ष 6.90 लाख मरीजों की पहचान की है। इससे पहले 2023 व 2024 में भी प्रदेश ने टीबी मरीज चिंहिकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश से टीबी उन्मूलन की दिशा में यह निर्णायक पहल है।

नेशनल टीबी टास्क फोर्स के वाइस चेयरमैन डॉ राजेंद्र प्रसाद के अनुसार टीबी उन्मूलन का एक ही तरीका है कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान कर उनका इलाज किया जाए। उत्तर प्रदेश ने निश्चित तौर पर बेहतर प्रयास किए हैं लेकिन यह कोशिश बनाए रखनी है। उन्होंने बताया कि बीते तीन सालों के शानदार प्रयासों के कारण प्रदेश समेत पूरे देश में प्रति एक लाख केसों की संख्या भी घटी है और टीबी के कारण होने वाली मौतें भी कम हुई हैं।

प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक बीते साल 27 लाख से ज्यादा केसों की जांच नैट मशीन से की गई है। जैसा कि जांच में यह बात सामने आई है कि स्मियर माइक्रोस्कोपी से जांच में कई मामले छूट जाते हैं। इसी को देखते हुए नैट से टेस्टिंग लगातार बढ़ाई जा रही है। 2024 में 13 लाख केसों की जांच नैट से हुई थी और 2025 में 27 लाख से अधिक जांच की गई।

राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि प्रदेश में टीबी उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 2015 की तुलना में, नये रोगियों में 17% तथा मृत्यु दर में 17% की कमी आई है। 7 दिसंबर 2024 से अब तक चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के दौरान, 2,18,986 लक्षणहीन टीबी रोगियों कि पुष्टि हुई है। बीते साल देश में सबसे अधिक प्रदेश के 5,367 ड्रग रजिस्टेंट मरीजों को बीपालएम (BPaLM) regimen दी गई जो अपने आप में एक रिकार्ड है। वर्ष 2024 में, 7,191 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुईं। प्रदेश के 58 जिलों में कुल 180 पब्लिक-सेक्टर एक्स-रे मशीनों को फ्री AI-बेस्ड स्क्रीनिंग टूल से लैस किया गया। नि:क्षय मित्र पहल में भी प्रदेश ने अच्छा काम किया है। अकेले नरोरा एटॉमिक पावर स्टेशन ने बुलंदशहर में 7,593 टीबी मरीजों को गोद लिया है। उन्होंने बताया कि 2024 में 6.5 लाख मरीजों को पंजीकृत करने के लक्ष्य के सापेक्ष 6.73 लाख मरीज चिंहिंत हुए। 2023 में भी 6.22 लाख से अधिक मरीजों का चिंहिकरण व इलाज हुआ।

टीबी के लक्षण

  1. दो हफ्ते या उससे ज़्यादा समय तक खांसी रहना
  2. खांसी के साथ खून आना
  3. शाम को बुखार आना
  4. रात में पसीना आना
  5. वजन कम होना
  6. भूख न लगना
  7. शरीर में लगातार कमजोरी
  8. थकान
  9. सांस लेने में तकलीफ
  10. सीने में दर्द

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