देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिर बिगड़ने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 23 जनवरी को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अलर्ट को देखते हुए राज्य शासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी तंत्रों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने कसी कमर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को सभी जिलों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में संभावित खराब मौसम के प्रभावों को लेकर जिलों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बारिश, बर्फबारी और शीतलहर से निपटने की तैयारी
आपदा प्रबंधन सचिव ने संभावित वर्षा, बर्फबारी, पाला और शीतलहर के चलते उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल रहने की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्यदायी एजेंसियों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
इन विभागों को विशेष अलर्ट पर रहने के निर्देश
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, पेयजल, पशुपालन विभाग और नगर निकायों को विशेष रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए गए। सड़कों, बिजली-पानी की आपूर्ति और आपात सेवाओं को सुचारू बनाए रखने पर खास जोर दिया गया।
गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा प्राथमिकता
आपदा प्रबंधन सचिव ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। संवेदनशील, दूरस्थ और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए पहले से सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने और एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी जारी किए गए।




