
नई दिल्ली: वन रैंक वन पेंशन को ठीक तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने पटना हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी छह महीने के भीतर मंत्रालय को अपने सुझाव सौंप देगी।
विसंगतियों को दूर करने के सुझाव देगी कमेटी
कमेटी उन विसंगतियों या त्रुटियों को दूर करने के उपायों पर गौर करेगी, जो सात सितंबर को सरकार की ओर से जारी वन रैंक-वन पेंशन संबंधी अधिसूचना को लागू करने की राह में बाधा बन सकते हैं। कमेटी अपनी सुझावों के आर्थिक प्रभाव पर भी विचार करेगी। कमेटी को प्रशासनिक सहयोग रक्षा मंत्रालय का पूर्व सैनिक कल्याण विभाग देगा।
यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमेन ने सरकार की घोषणा ठुकराई
सरकार की इस घोषणा को यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमेन ने ठुकरा दिया है। इसी के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में पूर्व सैनिक पिछले छह महीने से रिले भूख हड़ताल कर रहे हैं। फ्रंट के प्रवक्ता कर्नल अनिल कौल ने कहा कि यह उन सात विसंगतियों में से एक है जो हमनें ओआरओपी के एलान के बाद उठाई हैं। हमारा मानना है कि एक सदस्यीय कमेटी से काम नहीं चलेगा बल्कि इसमें और भी सक्षम सदस्य होने चाहिए। कर्नल के मुताबिक इस कमेटी के एलान से पहले सरकार ने विदेश मंत्री जनरल वीके सिंह से जो वार्ताकार नियुक्त करने की बात कही थी वह भी अब खटाई में पड़ गई। उनके मुताबिक अब पूर्व सैनिकों के पास कोई चारा नहीं बचा कि वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं और अपना आंदोलन और तेज करें।