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बेटे को जंजीर से बांधकर काम पर जाते थे माता-पिता, किया गया रेस्क्यू; सामने आई वजह

नागपुर: शहर में बेहद अमानवीय एवं हैरान कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां माता-पिता ही अपने 12 वर्ष के नाबालिग बच्चे को जंजीर में बांधकर रखा करते थे। जब भी वह अपने काम पर जाते तो बच्चे को जंजीर में बांध देते और चले जाते। काम से वापस आने के बाद ही उसे जंजीरों से मुक्त किया जाता था। लगभग तीन-चार महीने से बच्चे के माता-पिता इस तरीके की यातना उसे दे रहे थे। इस दौरान किसी व्यक्ति ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके इसकी सूचना दी। इसके बाद टीम ने अजनी पुलिस के साथ मिलकर बच्चे को मुक्त कराया।

जंजीर से बांधा गया था बच्चा
दरअसल, सूचना मिलने के बाद जब पुलिस और बाल संरक्षण विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो बच्चे की स्थिति देखकर हैरान रह गए। घर के मुंडेर पर बच्चे के हाथों को जंजीर से ताला लगाकर बांधा गया था। पुलिस जब घर की छत पर पहुंची तो देखा कि वहां एक पिलर था, पिलर के पास छोटी-छोटी 2 बाल्टी उल्टी करके रखी गई थी, उस पर खड़े होकर बच्चा बाहर देख रहा था। उसके पास एक गिलास भी दी, जिससे वह पानी पीता था।

बच्चे को किया गया रेस्क्यू
पुलिस एवं जिला बाल संरक्षण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जब पुलिस की टीम वहां पर पहुंची तो बच्चा काफी घबराया हुआ था। पुलिस की टीम एवं बाल संरक्षण दल की टीम ने जंजीर खोलकर बच्चे को प्राथमिक उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। यहां इलाज के बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उसे बाल गृह भेजा गया। तीन-चार महीने से बच्चों के पैरों में जंजीर बाधने से उसके पैरों में जख्म हो गया था।

सामने आई वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चों के माता-पिता मजदूरी का काम करते हैं। पूरे दिन घर पर कोई बड़ा व्यक्ति नहीं होने की वजह के कारण बच्चा चिड़चिड़ा हो गया था और वह गलत व्यवहार करने लगा था, इसलिए उसके माता-पिता काम पर जाने से पहले उसे जंजीरों में बांधकर जाते थे। इसके बाद जब वह काम से वापस आते थे तो उसे जंजीरों से मुक्त करते थे। फिलहाल अजनी पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अजनी पुलिस ने बाल न्याय अधिनियम 2015 के तहत आगे की जांच शुरू कर दी है।

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