उत्तराखंड

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: उत्तराखंड में 326 समाधान कैम्प, ढाई लाख से ज्यादा लोगों को मिला सीधा लाभ

देहरादून। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” के तहत प्रदेशभर में आयोजित जनसमस्या समाधान कैम्प आमजन के लिए बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। इन कैम्पों के माध्यम से सरकार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने के साथ-साथ त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कर रही है।

13 जिलों में 326 कैम्प, रिकॉर्ड सहभागिता
13 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 13 जनपदों में कुल 326 जनसमस्या समाधान कैम्प आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें 2 लाख 51 हजार 407 नागरिकों ने भाग लिया, जो इस अभियान की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

हजारों शिकायतों का त्वरित निस्तारण
कैम्पों के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 26,722 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 18,123 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया है। शेष मामलों पर भी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई की जा रही है।

36 हजार से अधिक आवेदन, डेढ़ लाख लोग लाभान्वित
अधिकारियों के अनुसार, इन कैम्पों में 36,682 आवेदन विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही 1,37,641 लोगों को अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला है, जिससे आमजन का सरकार पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

इन जिलों में दिखी सबसे ज्यादा भागीदारी
हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा और देहरादून जैसे जनपदों में बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता यह दर्शाती है कि यह अभियान लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा कर रहा है।

सीएम धामी के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित शिकायतों और आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा केवल समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाधान, पारदर्शिता और जनविश्वास को सुदृढ़ करना है।

सीधे संवाद से मजबूत हो रहा जनविश्वास
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जो विकसित उत्तराखंड की दिशा में एक मजबूत और भरोसेमंद कदम साबित हो रहा है।


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