चीन के SCO शिखर सम्मेलन में मिलेंगे पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन, ट्रंप को होगी टेंशन

मॉस्को/क्रेमलिन: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात का शेड्यूल सामने आ गया है। दोनों नेता सोमवार को चीन के तियानजिन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी और प्रेसिडेंट पुतिन के बीच होने वाली यह मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निश्चित रूप से बड़ा टेंशन दे सकती है।
क्रेमलिन के विदेश नीति के सलाहकार यूरी उशाकोव ने शुक्रवार को बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात 1 सितंबर को तियानजिन में होगी। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद पीएम मोदी और पुतिन के बीच यह पहली मुलाकात होगी। अमेरिका ने बार-बार कहा है कि उसने भारत पर यह टैक्स रूस से कच्चा तेल खरीदने के एवज में लगाया है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। दोनों नेता इस मुलाकात के दौरान ट्रंप के टैरिफ का जवाब देने के लिए कोई नया विकल्प तलाश सकते हैं, जो अमेरिका के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी के 15 साल
उशाकोव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन दोनों 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन की यात्रा पर रहेंगे, जहां वे SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा, “ 1 सितंबर को एससीओ की बैठक के ठीक बाद हमारे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। यह वर्ष 2025 में दोनों नेताओं की पहली प्रत्यक्ष मुलाकात होगी। उशाकोव ने यह भी स्पष्ट किया कि “वे नियमित रूप से टेलीफोन पर संपर्क में रहे हैं।” उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” करार दिया। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ऐसे वक्त में हो रही है, जब भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी के 15 साल हो रहे हैं।
दिसंबर में पुतिन आएंगे भारत
उशाकोव ने बताया कि मोदी-पुतिन मुलाकात के दौरान दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारे दोनों देशों के बीच संबंध बहुआयामी हैं और आने वाले महीनों में इसमें और मजबूती आएगी।”