US Tariff Cut पर PM Modi का पहला बयान, राष्ट्रपति Trump को कहा धन्यवाद, भारत-अमेरिका रिश्तों में नया अध्याय

नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रधानमंत्री ने इस फैसले के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताते हुए इसे भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी के लिए अहम कदम बताया है।
सोशल मीडिया पर PM Modi का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत कर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटने से भारत के 1.4 अरब लोगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने इस फैसले को दोनों देशों के बीच मजबूत होते भरोसे और सहयोग का प्रतीक बताया।
साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र मिलकर काम करते हैं, तो इससे न केवल दोनों देशों के नागरिकों को फायदा होता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सहयोग के नए अवसर भी खुलते हैं। उन्होंने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया और शांति के प्रयासों में भारत के समर्थन की बात कही।
पहले अमेरिकी राजदूत ने दी बातचीत की जानकारी
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सबसे पहले सोशल मीडिया एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत की जानकारी साझा की थी। हालांकि उन्होंने बातचीत के ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर बातचीत का विवरण साझा किया।
25% से घटाकर 18% हुआ टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिका और भारत के बीच पारस्परिक टैरिफ व्यवस्था में बदलाव पर सहमति बनी है। इसके तहत भारतीय उत्पादों पर लगाया गया शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही आयात शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य करने की दिशा में भी काम करने की बात कही गई है।
PM Modi की ट्रंप ने की तारीफ
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ज्यादा मजबूत होंगे। उन्होंने खुद को और प्रधानमंत्री मोदी को ऐसे नेता बताया जो फैसले लेते हैं और समझौतों को जमीन पर उतारते हैं। यह बातचीत ऐसे समय पर हुई जब विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए।



