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नीतीश के बयान पर सियासत गरम सम्राट चौधरी को लेकर अटकलों पर विजय चौधरी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।इस बीच हाल ही में समृद्धि यात्रा के दौरान दिए गए उनके एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। दरअसल जमुई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब यही सब काम देखेंगे और राज्य आगे बढ़ेगा।

हालांकि इस पूरे मामले पर अब सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है उन्होंने कहा कि वह खुद उस कार्यक्रम में मौजूद थे और मीडिया द्वारा की जा रही व्याख्या को सही नहीं मानते उनके अनुसार मुख्यमंत्री की यह पुरानी कार्यशैली रही है कि वह अपने सहयोगियों को प्रोत्साहित करते हैं और उन्हें आगे जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रेरित करते हैं

विजय चौधरी ने यह भी माना कि उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं लेकिन इसका यह अर्थ निकालना कि उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है यह पूरी तरह से गलत है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ इसी तरह का व्यवहार करते हैं और इसे किसी राजनीतिक संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए

इसके बावजूद बिहार की राजनीति में उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के बाद भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है वहीं जदयू के कोटे से दो वरिष्ठ नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है इसके अलावा कुछ हलकों में निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है

इन तमाम अटकलों के बीच जातीय समीकरण और राजनीतिक संतुलन को भी ध्यान में रखा जा रहा है बिहार की राजनीति में सामाजिक समीकरण हमेशा से अहम भूमिका निभाते रहे हैं ऐसे में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा यह सवाल सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक समीकरणों से भी जुड़ा हुआ है

फिलहाल विजय चौधरी के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सरकार की ओर से किसी भी तरह का आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है लेकिन जिस तरह से बयान सामने आए हैं उससे यह तय है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में यह मुद्दा और भी गरमाने वाला है

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