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भारत के लिए पूजा रानी ने जीता पहला गोल्ड मैडल

स्पोर्ट्स डेस्क : दुबई में खेली जा रही एशियाई महिला एवं पुरुष मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 75 किग्रा के फाइनल में भारत की पूजा रानी ने फाइनल में उजबेकिस्तान की मावलुदा मोल्दोनोवा को एकतरफा मात देते हुए भारत को पहला गोल्ड मैडल दिलाया. वर्ष 2019 में खिताब अपने नाम करने वाली ओलंपिक के लिए क्वालीफाई हो चुकी पूजा रानी ने मोल्दोनोवा को 5-0 से मात दी.

हरियाणा के भिवानी की पूजा का एशियाई चैंपियनशिप में ये चौथा और लगातार दूसरा गोल्ड मैडल है. इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक अपने नाम कर चुकीं पूजा ने बैंकाक में 2019 में गोल्ड मैडल अपने नाम किया था वही उससे पहले 2015 में कांस्य और 2012 में रजत पदक अपने नाम किया था.

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इससे पहले, छह बार की विश्व विजेता एमसी मैरी कोम को अपना आइडल मानने वाली भारत की निडर युवा मुक्केबाज लालबुतसाही फाइनल में हारी. पहली बार एशियाई चैंपियनशिप में खेल रहीं पुलिस में काम करने वाली और 2019 विश्व पुलिस खेलों में गोल्ड मैडल अपने नाम करने वाली लालबुतसाही का 64 किग्रा के फाइनल में सामना कजाकिस्तान की मिलाना साफरोनोवा से हुआ.

वो अनुभवी साफरोनोवा से नहीं डरीं और जमकर मुक्के बरसाए लेकिन वो 2-3 से ये मैच हार गईं. लालबुतसाही से पहले मैरी कोम अपने रिकार्ड छठे गोल्ड से महरूम रह गईं थी. मैरी को 51 किग्रा वर्ग के फाइनल में दो बार की विश्व विजेता नाज़िम काज़ैबे ने 3-2 से मात दी.

मैरी ने एशियाई चैंपियनशिप में सातवीं बार हिस्सा लेते हुए दूसरी बार रजत पदक जीता है. उनके नाम पांच स्वर्ण और दो रजत हैं. मैरी कोम और लैशराम सरिता देवी ने एशियाई चैंपियनशिप में पांच-पांच स्वर्ण पदक जीते हैं. इस महान मुक्केबाज ने 2003, 2005, 2010, 2012 और 2017 संस्करणों में गोल्ड जीता था जबकि 2008 औऱ इस साल उनके हिस्से में रजत पदक आया था.

आठ भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को सेमीफाइनल में हार मिली थी. इन सबने देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया है. बताते चले कि भारत, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया, फिलीपींस और कजाकिस्तान जैसे मजबूत मुक्केबाजी राष्ट्रों समेत 17 देशों के 150 मुक्केबाजों ने इस चैंपियनशिप में भाग लिया

इस वर्ष की विशेष बात ये है कि चैंपियनशिप की पुरस्कार राशि में भारी इजाफा हुआ है. इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) ने इस चैंपियनशिप के लिए 4,00,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि आवंटित की है.

पुरुषों और महिलाओं की श्रेणियों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 अमेरिकी डालर से सम्मानित किया जाएगा, जबकि रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 5,000 अमेरिकी डालर और 2,500 अमेरिकी डालर का पुरस्कार दिया जाएगा.

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) और यूएई बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित हो रही इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में भारत ने 8 कांस्य और दो रजत के बाद पहला गोल्ड जीता है. भारतीय दल अभी तक 15 पदक अपने नाम कर चूका है. बैंकाक में 2019 में भारत ने 13 पदक (2 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य) जीते थे और तालिका में तीसरे पायदान पर था.

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