देहरादून: प्रदेश सरकार ने युवाओं और बेरोजगारों को स्वरोजगार की दिशा में राहत देने का अहम फैसला लिया है। अब अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को नीतिगत जटिलताओं का सामना कम करना पड़ेगा। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) अधिनियम, 2017 में संशोधन को स्वीकृति दे दी है।
निवेश और रोजगार बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहन देना, दुकानों के संचालन समय को अधिक लचीला बनाना, व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल करना और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसी दिशा में अधिनियम में आवश्यक संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। वर्ष 2025 में इस संबंध में संशोधन अध्यादेश लागू किया गया था, जिसे अब विधेयक के रूप में लाकर स्थायी रूप देने की तैयारी की जा रही है।
विधानसभा में पेश होगा संशोधन विधेयक
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड दुकान एवं स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों के बाद नई दुकानों की स्थापना प्रक्रिया अधिक आसान होगी, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
चार विशेष शिक्षकों को एलटी में नियमित नियुक्ति की मंजूरी
कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में तदर्थ, संविदा और आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर नियमित नियुक्ति देने को भी मंजूरी दी है। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में गठित स्क्रीनिंग समिति की संस्तुति के आधार पर लिया गया है। इस फैसले से लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को स्थायित्व मिलेगा।




