उत्तराखंड

अवैध कब्जों पर ऐक्शन में पुष्कर सिंह धामी सरकार, जंगलों से अतिक्रमण हटाने का आदेश; 15 दिन का अल्टीमेटम

नई दिल्ली: रिजर्व फॉरेस्ट में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ वन विभाग कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। विभाग ने 38 बड़े अतिक्रमण चिह्नित करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा है। इसमें धार्मिक स्थल के साथ रिजॉर्ट की आड़ में वन भूमि कब्जाने वाले भी शामिल हैं। कब्जेदारों को भेजे नोटिस में 15 दिन के भीतर खुद ही अतिक्रमण हटाने को कहा गया है। इसके बाद विभाग अतिक्रमण तोड़ने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ इंडियन फॉरेस्ट ऐक्ट के तहत केस दर्ज करेगा।

वन विभाग ने जंगलों में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए सीसीएफ डॉ.पराग मधुकर धकाते ने बताया कि सभी डीएफओ और पार्क निदेशकों को इसी सप्ताह हर तरह का अतिक्रमण चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुराने अतिक्रमण पर भी कार्रवाई को कहा है।

कार्रवाई शुरू वन भूमि पर कुछ अतिक्रमण वर्षों पुराने हैं। ऐसे कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू करते हुए 38 अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजे गए हैं। इसमें 32 धार्मिक स्थलनुमा निर्माण हैं। वहीं दो रिजॉर्ट का हिस्सा हैं। इसमें एक रिजॉर्ट की सड़क और एक की पार्किंग का हिस्सा वन भूमि पर है। चार ऐसे अतिक्रमण भी हैं, जहां झोपड़ियां बनाकर खेती की जा रही है। डॉ.धकाते ने बताया कि कुछ और अतिक्रमणकारियों को भी जल्द ही नोटिस भेज दिए जाएंगे।

15 दिन का अल्टीमेटम
रिजर्व फॉरेस्ट में वर्ष 2020 के बाद का अतिक्रमण चिह्नित किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट इसी हफ्ते आने की उम्मीद है। हालांकि अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 38 पक्षों को नोटिस भेजा है। 15 दिन में नोटिस के अनुसार कार्रवाई न होने पर रेंज स्तर से मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। इसमें छह माह तक की जेल हो सकती है।

अवैध कब्जों को लेकर उत्तराखंड की धामी सरकार एक्शन में है। पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि जंगलों में जितने भी अतिक्रमण हैं जल्दी हटा लिए जाएं नहीं तो अतिक्रमणकारियों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस मामले में अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

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