
रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एयरफोर्स कर्मी ने अपनी ही बेटी के साथ 12 साल तक रेप (Rape) की घटना को अंजाम दिया. अब उत्तराखंड के देहरादून में कोर्ट ने दोषी पिता को 20 साल की जेल की सजा सुनाई और 25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है. हैवान पिता ने अपनी बेटी को 5 साल की उम्र से ही अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया था.
दरअसल, ये मामला छ्त्तीसगढ़ के रायपुर का है, जहां रायपुर थाने में 2023 को पीड़िता की मां ने अपने पति एयरफोर्स कर्मी पर केस दर्ज किया था. पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने उसके साथ 5 साल की उम्र से दुष्कर्म करना शुरू कर दिया था और 17 साल की उम्र तक उसके साथ हैवानियत की. पीड़िता ने बताया कि जब दरिंदा पिता बाहर होता था, तब भी वह पीड़िता को वीडियो कॉल पर कपड़े उतारने का दबाव बनाता था.
पीड़िता ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि पिता ने उसके साथ मथुरा, गुजरात और देहरादून में भी दुष्कर्म किया था. उसने बताया कि ये सिलसिला 12 साल तक चलता रहा, जब पीड़िता 17 साल की हुई तो उसके सब्र का बांध टूट गया और उसने अपनी मां को बता दिया. इसके बाद मां ने एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ केस दर्ज कराया. कोर्ट ने बेटी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए इसे विकृत मानसिकता और कामुकता का उदाहरण बताया और और राज्य सरकार को तीन लाख का मुआवजा पीड़िता को देने का आदेश भी दिया.
कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर गहरा और नकारात्मक असर डालते हैं और पूरा समाज ऐसे कृत्यों से शर्मसार होता है. मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले और हाइमन सुरक्षित था, इसलिए दुष्कर्म नहीं हुआ. हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया. स्पेशल जज अर्चना सागर की कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद है और कोई भी बेटी अपने सगे पिता पर इस तरह के गंभीर और झूठे आरोप नहीं लगा सकती.
कोर्ट ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे पीड़िता बड़ी होती गई. उसे अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार की समझ आने लगी. लंबे समय तक वह डर और मजबूरी के कारण चुप रही, लेकिन सच्चाई आखिर सामने आ ही गई. मामले में यह भी सामने आया कि पीड़िता के दो छोटे भाई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. एक भाई ब्लड कैंसर से पीड़ित है, जबकि दूसरा भी बीमार है. बच्चों के इलाज और घर की जिम्मेदारियों के चलते मां और बेटी लंबे समय तक अत्याचार सहती रहीं. आखिरकार 17 नवंबर 2023 को बेटी ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी सच्चाई बता दी, जिसके बाद मामला सामने आया और आरोपी पिता को सजा मिली.



