अद्धयात्म

महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग, जानिए शिव पूजा के 5 शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

पटना। महाशिवरात्रि का पर्व रविवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर व्यतिपात योग, सर्वार्थ सिद्धि योग एवं जयद् योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

ऐसे शुभ संयोग में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करना विशेष फलदायी होता है। भक्त गंगाजल, दूध, दही, मधु, पंचामृत, चंदन, फूलमाला, बेलपत्र, धतूरा और भांग आदि से शिवलिंग का अभिषेक करेंगे।

घरों में नर्मदेश्वर शिवलिंग, स्फटिक शिवलिंग और पार्थिव शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। दिनभर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के बाद संध्या बेला में भगवान शंकर का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

आचार्य राकेश झा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर रात्रि 7:40 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद भगवान शिव का प्रिय श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा।

इस शुभ काल में उमा-महेश्वर की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु व्रत-पूजन के साथ जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त करेंगे।

शिव को अर्पित वस्तुओं का महत्व
गंगाजल: मानसिक शांति
दूध: उत्तम स्वास्थ्य
दही: स्थिरता व गंभीरता
घी: पौरुष, बल, बुद्धि व विवेक
मधु: वाणी में मधुरता
गुड़: दुख, कष्ट व दरिद्रता का ह्रास
इत्र: मन, कर्म व विचार की पवित्रता
केसर: यश, वैभव व सौम्यता में वृद्धि
भांग: रोग-शोक व नकारात्मक ऊर्जा का नाश
धतूरा: संतान सुख
बिल्वपत्र: चल-अचल संपत्ति की प्राप्ति
पूजा का शुभ मुहूर्त
चर-लाभ मुहूर्त: सुबह 7:50 से 10:39 बजे तक
अमृत मुहूर्त: सुबह 10:39 से 12:04 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:41 से 12:26 बजे तक
शुभ योग मुहूर्त: दोपहर 1:28 से 2:53 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 5:42 से रात्रि 8:23 बजे तक

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