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मरीजों को राहत: अब दवाइयों का पूरा पत्ता खरीदने की नहीं है जरूरत, नया नियम लाने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली: भारत में मरीजों को अब दवाइयों की पूरी पट्टी (strip) खरीदने की मजबूरी खत्म हो सकती है। सरकार एक नया नियम लाने की तैयारी में है, जिससे मरीज जितनी दवा डॉक्टर ने लिखी है, उतनी ही खरीद सकेंगे।

अब दवाइयों की पूरा पत्ता खरीदने की नहीं है जरूरत
भारत के शीर्ष दवा नियामक ने एक नया नियम लागू करने की योजना बनाई है। इस नियम के तहत मेडिकल स्टोर को मरीजों को केवल उतनी ही गोलियां या कैप्सूल देने होंगे, जितनी डॉक्टर ने पर्चे में लिखी हैं। इसके लिए दवाइयों की कटी हुई पट्टियां (cut strips) बेचने की अनुमति दी जाएगी। अभी कई दवाइयां 10 या 15 गोलियों की पट्टी में मिलती हैं, जबकि मरीज को सिर्फ 4–5 गोलियों की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें पूरी पट्टी खरीदनी पड़ती है, जिससे पैसा और दवा दोनों की बर्बादी होती है।

इससे मरीजों को राहत मिलेगी
इस प्रस्ताव पर 20 मार्च को एक बैठक में चर्चा हुई, जिसकी अध्यक्षता ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने की। यह बदलाव भारत के लगभग 50 अरब डॉलर के फार्मा उद्योग और 20–27 अरब डॉलर के रिटेल मेडिकल बाजार के लिए अहम माना जा रहा है। अगर यह नियम लागू होता है, तो इससे मरीजों को राहत मिलेगी और दवाइयों की बर्बादी भी कम होगी।

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