देहरादून। उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटन नगरी ऋषिकेश को जल्द ही ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से राहत मिल सकती है। धामी सरकार 1161 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपने आवास पर केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की। सीएम धामी जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर परियोजना को अंतिम मंजूरी दिलाने का प्रयास करेंगे।
12.67 किमी लंबा फोरलेन बाईपास बनेगा
प्रस्तावित योजना के तहत तीनपानी से योग नगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किलोमीटर लंबा चार लेन बाईपास बनाया जाएगा। इस बाईपास में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 4.876 किमी लंबा एलिवेटेड मार्ग भी प्रस्तावित है, जो हाथी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा परियोजना में चंद्रभागा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल, रेलवे पोर्टल पर 76 मीटर लंबा आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) शामिल है। वहीं, श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 318 करोड़ रुपये की लागत से अलग से 76 मीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा। इसके निर्माण से नेपाली फार्म से नटराज चौक तक लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी मंथन
ऋषिकेश बाईपास के साथ-साथ राज्य में अन्य प्रमुख मार्गों के निर्माण को लेकर भी केंद्र सरकार से बातचीत प्रस्तावित है। इनमें अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट मार्ग, ज्योलिकोट-खैरना-गैरसैंण-कर्णप्रयाग मार्ग और अल्मोड़ा-बागेश्वर-कांडा-उडियारी बैंड मार्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि इन मार्गों के निर्माण से राज्य में पर्यटन, व्यापार और यात्रा को नई रफ्तार मिलेगी। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से चारधाम यात्रा, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पहाड़ी क्षेत्रों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।




