ईरान-इजराइल तनाव पर रूस की एंट्री, पुतिन की मध्यस्थता का प्रस्ताव; बोले राजनयिक—जरूरत पड़ी तो शांति वार्ता के लिए तैयार

मास्को। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव को कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठनों में रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने कहा है कि यदि आवश्यकता हुई तो रूस दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराने के लिए तैयार है।
रूसी अखबार इज़वेस्टिया को दिए इंटरव्यू में उल्यानोव ने कहा कि मौजूदा हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और यदि परिस्थितियां मांग करती हैं तो रूस मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार रहेगा। उनके अनुसार रूस का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और बातचीत के जरिए समाधान तलाशना है।
ईरान मध्यस्थता का स्वागत कर सकता है
रूसी राजनयिक ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत शुरू होना आसान नहीं दिख रहा है। हालांकि उनका मानना है कि दोनों पक्ष जिन लक्ष्यों को हासिल करना चाहते हैं, उन्हें सैन्य बल के जरिए प्राप्त करना संभव नहीं है।
उल्यानोव ने यह भी कहा कि ईरान रूस की मध्यस्थता का स्वागत कर सकता है। उनके मुताबिक तेहरान बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने के पक्ष में रह सकता है, यदि हालात उसके अनुकूल बने।
अमेरिका को नहीं दिख रही मध्यस्थता की जरूरत
उल्यानोव ने कहा कि अमेरिका की ओर से फिलहाल किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं मानी जा रही है। उनका कहना है कि वाशिंगटन का मानना है कि वह स्वयं स्थिति को संभाल सकता है।
रूसी राजनयिक ने अमेरिकी रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा हालात को अमेरिका प्रभावी ढंग से संभाल नहीं पा रहा है और इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।



