मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी (SARA) की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जलागम विकास, जल निकायों के पुनर्जीवन, वृक्षारोपण, पारंपरिक नौलों-धारों के संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
सॉन्ग और कमल नदी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में देहरादून की सॉन्ग नदी और उत्तरकाशी की कमल नदी से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का विशेष अध्ययन किया गया। इसके अलावा 23 अप्रैल 2025 को आयोजित पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन की स्थिति का भी आकलन किया गया।
सॉन्ग नदी परियोजना के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना
मुख्य सचिव ने सॉन्ग नदी से जुड़े क्षेत्रों का विस्तृत चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए, जहां सुधार और हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों के अनुसार आवश्यक कार्यों का निर्धारण कर संबंधित कार्यदायी संस्था द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए। परियोजना के क्रियान्वयन के बाद इसके प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए आईआईटी रुड़की जैसे तकनीकी संस्थानों के सहयोग की संभावनाओं पर विचार करने को भी कहा गया।

जल संरक्षण और पारंपरिक स्रोतों के पुनर्जीवन पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि SARA की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएं और वाटर रिचार्ज, वनीकरण एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े कार्यों की गति तेज की जाए। सभी जनपदों को पौराणिक और पारंपरिक नौलों-धारों का चिन्हीकरण कर उनकी प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आवश्यक उपचार करने के निर्देश दिए गए, ताकि पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
वन क्षेत्र में CAMPA फंड का उपयोग
मुख्य सचिव ने वन क्षेत्रों में CAMPA फंड के माध्यम से जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में समन्वय (Convergence) बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, सी रविशंकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, अपूर्वा पांडेय, कहकशां नसी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




