
यूपी की महिलाओं के लिए बड़ा मौका: स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ने का रास्ता, SOP बनाने के निर्देश
लखनऊ से आई अहम खबर में प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए नए अवसर खुलने जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग को निर्देश दिए हैं कि समूहों की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और उन्हें स्वरोजगार के नए विकल्प मिलें।
महिलाओं के लिए SOP और प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जोड़ने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। इसके साथ ही महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए अलग से विस्तृत कैलेंडर बनाया जाए, ताकि उन्हें चरणबद्ध तरीके से कौशल विकास का अवसर मिल सके। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
विभागीय समीक्षा बैठक में दिए अहम निर्देश
बुधवार को सरकारी आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में खाद्य प्रसंस्करण, ग्राम्य विकास और राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के कार्यों की प्रगति का आकलन किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी भुगतान नियमानुसार समय पर किए जाएं।
बजट का समय पर उपयोग, एक भी राशि न हो लैप्स
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए उपलब्ध बजट का समय से पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में धनराशि लैप्स नहीं होनी चाहिए और सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
हर महीने एक लाख लोगों को प्रशिक्षण देने की तैयारी
ग्राम्य विकास संस्थान के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रदेश में प्रतिमाह एक लाख प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित करने की क्षमता विकसित की जाए। इसके लिए समयबद्ध प्रशिक्षण कैलेंडर जारी करने और प्रशिक्षणार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
हरियाणा मॉडल का अध्ययन, तकनीक पर जोर
राष्ट्रीय एकीकरण विभाग को निर्देश दिया गया कि दो सदस्यीय टीम हरियाणा भेजी जाए, जो वहां के कार्यों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करे। इस रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश में योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
बैठक में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसमें राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, खाद्य प्रसंस्करण विभाग, राष्ट्रीय एकीकरण विभाग और ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया और विभागीय प्रगति पर प्रस्तुति दी।



