उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी में पुराना अंडा बिकना हुआ बंद, योगी सरकार ने बिक्री के लिए जारी किए कड़े नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से केवल एक्सपायरी डेट वाले अंडों की ही बिक्री की अनुमति होगी। राज्य सरकार ने इस नियम का पालन कड़ाई से कराने का निर्णय लिया है। अब हर अंडे पर ‘लेइंग डेट’ (अंडा देने की तारीख) और ‘एक्सपायरी डेट’ अंकित करना अनिवार्य होगा।

सख्त निगरानी के निर्देश
इस नियम के पालन के लिए पशुपालन विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और उद्यान विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखने के मानकों का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि अंडों की ताजगी और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

खाद्य सुरक्षा मानक
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अनुसार सामान्य तापमान 30 डिग्री सेल्सियस (±5 डिग्री) पर अंडों का उपयोग 14 दिन के भीतर करना चाहिए। वहीं, 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखे अंडों का सेवन 35 दिन के अंदर करना आवश्यक है।

प्रदेश में अंडा उत्पादन और खपत
पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में रोजाना लगभग 1.5 से 1.7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है, जबकि मांग 3.5 से 5.5 करोड़ अंडे प्रतिदिन है। यूपी में प्रतिदिन आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों से पांच करोड़ से अधिक अंडों की खपत होती है।

पुराने अंडों को रोकने के लिए तैयारी
पूर्व में अंडा उत्पादकों को 31 मार्च तक ‘लेइंग डेट’ और ‘एक्सपायरी डेट’ अंकित करने का समय दिया गया था। अब अधिकांश पोल्ट्री फार्म संचालक अंडों पर तिथियां अंकित कर चुके हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एक अप्रैल से एक्सपायरी डेट का पालन अनिवार्य होगा।

जागरूकता और निरीक्षण
तीनों विभाग जिला स्तर पर निरीक्षण तंत्र विकसित करेंगे। पोल्ट्री फार्म, थोक मंडियों और सप्लाई चेन की नियमित जांच की जाएगी ताकि बिना डेट वाले या खराब अंडे बाजार तक न पहुंच सकें। बाहर से आने वाले अंडों की ट्रैकिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। कोल्ड स्टोरेज में अंडों के भंडारण के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

ग्रामीण अंडा उत्पादन को बढ़ावा
प्रदेश में मांग के मुकाबले उत्पादन कम होने के कारण बैकयार्ड पोल्ट्री और छोटी यूनिट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से अंडा उत्पादन बढ़ाने और दूसरे राज्यों पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य रखा गया है।

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