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पटनीटॉप में बर्फ बनी आफत: कई वाहन फंसे, बिजली-पानी ठप; सैलानी बेहाल, निकासी के इंतजाम नाकाफी

उधमपुर। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पटनीटॉप में भारी बर्फबारी के बाद हालात बेहद कठिन हो गए हैं। इलाके में तीन फीट से अधिक बर्फ जमने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों के लिए यही बर्फ अब बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों के बंद होने से कई वाहन बर्फ में फंस गए हैं, जबकि बिजली आपूर्ति ठप और पानी की किल्लत ने परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

पटनीटॉप में फंसे अधिकांश पर्यटक देश के अन्य राज्यों से आए हैं। पर्यटकों का कहना है कि रात के समय अचानक तेज बर्फबारी शुरू हुई, जिसके बाद हालात लगातार बिगड़ते चले गए। बिजली आपूर्ति बंद हो गई और होटलों में पानी की समस्या पैदा हो गई, जिससे परिवारों के साथ आए सैलानियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

वाहन निकालना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल

पर्यटक मोहित शर्मा और रोहित ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ पटनीटॉप में ठहरे हुए थे। रातभर हुई भारी बर्फबारी के बाद सुबह जब वे बाहर निकले तो चारों ओर मोटी बर्फ की चादर जमी हुई थी। उन्होंने बताया कि वाहन निकालना तो दूर, पैदल चलना भी बेहद मुश्किल हो गया। उनकी ट्रेन की टिकटें पहले से बुक हैं, लेकिन मौजूदा हालात में समय पर रवाना होना संभव नहीं दिख रहा।

खुद फावड़े चलाकर भी नहीं निकले वाहन

कई सैलानियों ने अपने स्तर पर बर्फ हटाकर वाहनों को बाहर निकालने की कोशिश की। कुछ पर्यटकों ने फावड़ों की मदद से रास्ता बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारी मात्रा में जमी बर्फ के कारण सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। घंटों की मशक्कत के बावजूद वाहन वहीं के वहीं फंसे रहे।

PDA से रास्ते बहाल करने की मांग

फंसे हुए सैलानियों ने पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी से जल्द से जल्द बर्फ हटाकर सड़कें बहाल करने की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। पर्यटकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इंतजाम नहीं किए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

प्रशासन का दावा—मशीनें तैनात, बिजली बहाल

पटनीटॉप डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरेंद्र मन्याल ने बताया कि बर्फ हटाने के लिए मशीनें तैनात कर दी गई हैं और प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि रास्तों को खोलने का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को जल्द राहत मिल सके।

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