बुंदेलखंड में स्ट्रॉबेरी का उत्पादन किसी चमत्कार से कम नहीं : मुख्यमंत्री

स्ट्रॉबेरी की खेती अब बुंदेलखंड को एक नई पहचान दिलाएगी

लखनऊ, 18 जनवरी 2021 (दस्तक ब्यूरो) : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शौर्य और संस्कार की तपती धरती पर स्ट्रॉबेरी उगाए जाने को किसानों के परिश्रम का परिणाम बताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि बुंदेलखंड में स्ट्रॉबेरी का उत्पादन किसी चमत्कार से कम नहीं है। स्ट्रॉबेरी की खेती अब बुंदेलखंड को एक नई पहचान दिलाएगी। यहां के लोगों का पलायन रोकेगी।

एक माह चलने वाले स्ट्रॉबेरी महोत्सव का वर्चुअल शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने अपने आवास से झांसी में हो रहे स्ट्रॉबेरी महोत्सव का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए यह दावा किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने  झांसी में स्ट्रॉबेरी उगाने वाले किसान बंधुओं को हृदय से बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए स्ट्रॉबेरी महोत्सव आयोजित हो रहा है, उसी तर्ज पर तरह से सिद्धार्थनगर में कालानमक तथा चंदौली, बाराबंकी, कौशांबी और प्रयागराज के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी महोत्सव आयोजित किये जाने चाहिए।  

झांसी में पहली बार स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज से करीब एक महीने तक चलने वाले इस महोत्सव के आयोजकों के साथ ही झांसी के सांसद, विधायक तथा प्रदेश सरकार के मंत्रीगण व अधिकारियों को इस बड़े आयोजन के लिए अपनी शुभकामना भी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्ट्रॉबेरी महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि झांसी में हुआ स्ट्रॉबेरी का उत्पादन और यहां हो रहा स्ट्रॉबेरी महोत्सव चमत्कार से कम नहीं है। बुंदेलखंड के बारे में प्रदेश और देश की जो धारणा थी उसे बदलने में यह महोत्सव के अहम भूमिका निभाएगा। यहीं नहीं झांसी में हुई स्ट्रॉबेरी की खेती बुंदेलखंड को एक नई पहचान दिलाने का काम करेगी।

हर जिले के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव जरुरी

स्ट्रॉबेरी की खेती की खेती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज यह भी तय हो ही गया कि बुंदेलखंड में सब कुछ है। झांसी में स्ट्रॉबेरी का उगाना जाना तो हमारे बुंदेलखंड के किसानों के परिश्रम का परिणाम है। मैं इसके लिए सभी किसान बंधुओं को हृदय से बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में स्ट्रॉबेरी का उत्पादन कार्य घर की छत से प्रारम्भ किया गया था। इसके बाद इसे वहां के खेतों में रोपित किया गया। किसानों की मेहनत का यह परिणाम,  अब यह एक महोत्सव के रूप में पूरे झांसी व बुंदेलखंड में एक नई पहचान दिलाने का काम करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के नागरिकों में कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है। यहां की उर्वरा भूमि में सोना उगलने की क्षमता है लेकिन कुछ समय पहले तक इस प्रतिभा को उचित मंच नहीं मिल पा रहा था। जिसके चलते यहां के लोगों को पलायन करना पड़ता था। हमने यहां के लोगों को उचित को उचित माहौल देने का बीड़ा उठाया। बुंदेलखंड की पिछड़े क्षेत्र के रूप में स्थापित छवि को समाप्त कर विकास की नई धारा शुरु की। वर्षो से रुकी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को शुरू कराया। कोरोना काल में प्रदेश भर के किसानों की दिक्कतों को दूर किया और उन्हें बीज से लेकर बाजार तक उपलब्ध कराया। 

बुंदेलखंड के किसानों के लिए नई प्रेरणा का केंद्र बिंदु

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा की बुंदेलखंड के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। मुझे विश्वास है कि स्ट्रॉबेरी महोत्सव पूरे बुंदेलखंड के किसानों के लिए नई प्रेरणा का केंद्र बिंदु बनेगा। यह किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाने के साथ ही मार्केट की मांग के अनुरूप आपूर्ति करने में सहायक साबित होगा। बुंदेलखंड व उत्तर प्रदेश में काफी उर्वरा भूमि है। हमारे पास सरफेस वॉटर पर्याप्त मात्रा में है। हम खेती को ड्रिप इरिगेशन प्रणाली से जोड़कर आज की क्षमता से तीन गुना अधिक सिंचाई क्षमता विकसित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, स्ट्राबेरी की खेती और मार्केटिंग पर लखनऊ में केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच) भी बेहतरीन काम कर रहा है।

देश दुनिया की ताजातरीन सच्ची और अच्छी खबरों को जानने के लिए बनें रहें www.dastaktimes.org के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए https://www.facebook.com/dastak.times.9 और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @TimesDastak पर क्लिक करें। साथ ही देश और प्रदेश की बड़ी और चुनिंदा खबरों के ‘न्यूज़-वीडियो’ आप देख सकते हैं हमारे youtube चैनल https://www.youtube.com/c/DastakTimes/videos पर। तो फिर बने रहिये www.dastaktimes.org के साथ और खुद को रखिये लेटेस्ट खबरों से अपडेटेड।

ऐसे हुई स्ट्रॉबेरी महोत्सव की शुरुआत 

झांसी के जिलाधिकारी आंद्रा वामसी के अनुसार, बुंदेलखंड की धरती पर पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू हुई है। यह क्षेत्र कभी फलों के लिए नहीं जाना गया। झांसी जनपद दलहन, तिलहन और अदरक की पैदाइश के लिए जाना जाता है। पहली बार बिना किसी  सरकारी मदद के झांसी में दो परिवारों ने इस तरह की पैदावार में सफलता हासिल की है। इन परिवारों ने ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकल के माध्यम से इस क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती करके दिखा दिया कि झांसी और बुंदेलखंड में स्ट्रॉबेरी उगाई जा सकती है। ऐसे में यह सोचा गया कि यदि झांसी में स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा दिया जाये तो किसानों को बेहतर आमदनी का एक नया जरिया मिल सकेगा। इसके चलते ही झांसी में  स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल का आयोजन करने का फैसला किया। जिलाधिकारी झांसी आंद्रा वामसी के अनुसार अब स्ट्रॉबेरी महोत्सव के दौरान वर्कशाप आयोजित कर लोगों को स्ट्रॉबेरी की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि स्ट्रॉबेरी की खेती कैसे करें और इसकी खेती करने के उनकी आमदनी में कैसे इजाफा होगा। गांव और शहरों में लोग अपने आंगन में स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाएं, इसके लिए जिला प्रशासन लोगों को स्ट्रॉबेरी के पौधे भी मुहैया कराएगा।