State News- राज्यमध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश के पथ विक्रेताओं ने स्वनिधि योजना सफल बनाई

भोपाल: मध्यप्रदेश में छोटे-छोटे व्यवसाय करने वाले कारोबारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के प्रयासों में अच्छी सफलता मिली है। जहाँ हर महीने रोजगार मेलों के माध्यम से ऋण योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित किए जा रहे हैं, वहीं व्यवसाय का उन्नयन करने वाली योजनाएँ लघु व्यवसाइयों की आर्थिक समृद्धि का आधार बन रही हैं। प्रदेश में 5 लाख से अधिक सब्जी विक्रेता, फल बेचने वाले, चाय और नाश्ते का ठेला लगाने वाले, पानी पुरी स्टाल लगाने वाले, बच्चों के खिलौने बेचने वाले हितग्राही अपने कारोबार की तरक्की करने में सफल हुए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम स्वनिधि में लाभान्वित ऐसे 1 लाख 37 हजार से अधिक हितग्राहियों को बधाई दी हैं जिन्होंने बैंकों से प्राप्त 10 हजार रूपए के कर्ज का समय पर भुगतान कर फिर से कर्ज लेने की पात्रता हासिल कर ली है। अब ये लाभार्थी 20 हजार तक का ऋण लेने के पात्र हो चुके हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने इन लाभार्थियों के कारोबार में निरंतर वृद्धि होने की कामना भी की है।

संकट के समय दिया था सरकार ने सहारा

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम स्वनिधि योजना प्रारंभ कर न सिर्फ शहरी पथ विक्रेताओं को कोरोना काल के आर्थिक संकट से बाहर निकाला, बल्कि उन्हें बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कराकर उनके स्व-रोजगार की राह भी आसान की। वास्तव में कोरोना काल में जब आर्थिक संकट बढ़ गया था, तब आत्म-निर्भरता की दिशा में केन्द्र और मध्यप्रदेश सरकार ने पथ विक्रेताओं की समस्या को महसूस किया। सरकार से मिली आर्थिक मदद के बाद पथ विक्रेताओं ने अपनी आर्थिक परेशानियों को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाए और अपने प्रयासों में सफल भी हुए।

45 हजार हितग्राहियों को दोबारा कर्ज लेने की मिली पात्रता

उल्लेखनीय है कि पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश में 1 लाख 37 हजार 42 शहरी पथ विक्रताओं ने 10 हजार रूपए का ऋण बैंक को समय से चुका दिया है। इनमें से 45 हजार 413 पथ विक्रताओं को 20 हजार रूपए का दोबारा ऋण स्वीकृत भी हो गया है। मध्यप्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी है। यही नहीं मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना भी लागू की गई है। कोरोना काल में लघु व्यवसायइयों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए योजना में ग्रामीण पथ-विक्रताओं को भी बिना ब्याज 10 हजार रूपए की कार्यशील पूँजी उपलब्ध करवाई गई, जो उनके लिए आर्थिक आधार बनी।

प्रदेश भर में हितग्राही लाभान्वित

पीएम स्वनिधि योजना शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी वालों के स्व-रोजगार के लिए वरदान बनकर आई है। प्रत्येक जिले में योजना के हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। योजना के प्रथम तथा द्वितीय चरण के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना में भी करीब तीन लाख ग्रामीण हितग्राहियों को छोटे-छोटे व्यवसाय एवं स्व-रोजगार के लिए तीन सौ करोड़ से अधिक की राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध करवाई गई है।

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