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आतंकी सैयद सलाहुद्दीन पर कड़ा शिकंजा, श्रीनगर कोर्ट ने हिजबुल प्रमुख समेत 4 कमांडरों के खिलाफ जारी किए गैर-जमानती वारंट

जम्मू। तीन दशक पुराने आतंकी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीनगर की सत्र अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू प्रमुख मोहम्मद युसूफ शाह उर्फ Syed Salahuddin समेत चार आतंकी कमांडरों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। यह कदम आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने और कानून के शासन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

एनआईए अधिनियम के तहत नामित विशेष अदालत का आदेश

गैर-जमानती वारंट अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीनगर की अदालत से जारी हुए, जो एनआईए अधिनियम के तहत नामित विशेष न्यायाधीश हैं। अदालत ने अभियोजन पक्ष और जांच अधिकारी की दलीलें सुनने तथा केस रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद यह आदेश पारित किया। यह वारंट ‘काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर’ को सौंपे गए हैं, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

हिजबुल और यूजेसी से जुड़ा है मामला

अधिकारियों के मुताबिक, फरार आरोपी सलाहुद्दीन तथाकथित यूनाइटेड जिहाद काउंसिल और प्रतिबंधित संगठन Hizbul Mujahideen का प्रमुख है। वह जम्मू-कश्मीर के विभिन्न थानों में दर्ज कई आतंकी मामलों में वांछित है। अन्य आरोपितों में गुलाम नबी खान उर्फ आमिर खान, शेर मोहम्मद उर्फ बहादुर उर्फ रियाज और नासिर यूसुफ कादरी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कादरी कथित तौर पर आतंकी नैरेटिव तंत्र के लिए काम कर रहा है।

1996 के मामले से जुड़ी है जांच

यह मामला पांच अप्रैल 1996 का है। उस समय ‘काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर’ को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर और खुफिया एजेंसियां कश्मीरी युवाओं को गुलाम कश्मीर में प्रशिक्षण के लिए बरगला रही हैं, ताकि भारत के खिलाफ युद्ध जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

जांच के दौरान एजेंसियों ने दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र किए, जिनसे हिजबुल से जुड़े आरोपितों की कट्टरपंथीकरण, भर्ती और आतंकी अभियानों को सुविधा उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों में प्रथमदृष्टया संलिप्तता सामने आई। हालांकि लगातार प्रयासों के बावजूद सभी आरोपित अब तक फरार बताए जा रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ कानूनी लड़ाई को मजबूत करेगी और लंबे समय से लंबित मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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