न्यूजीलैंड में भूकंप के जोरदार झटके, 6.8 तीव्रता से कांपी धरती, लोगों में मचा हड़कंप

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के रिवर्टन तट पर मंगलवार सुबह जोरदार भूकंप आया, जिससे धरती एक बार फिर हिल उठी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.5 से 6.8 के बीच दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई में था और यह रिवर्टन तट से 159 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में स्थित था।
हालांकि भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन इसके झटकों से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि न्यूजीलैंड भूकंप के संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां इस तीव्रता के भूकंप अक्सर आते रहते हैं। सरकार हमेशा ऐसे हालात से निपटने के लिए तैयार रहती है, क्योंकि इस स्तर या इससे अधिक तीव्रता वाला भूकंप सुनामी का कारण बन सकता है।
सुनामी के खतरे का संकेत
न्यूजीलैंड में 6.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद, अधिकतर प्रभावित क्षेत्रों में भूकंप-रोधी इमारतों के कारण सुरक्षा बनी हुई है। देश की आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी यह आकलन कर रही है कि भूकंप से सुनामी का खतरा उत्पन्न हो सकता है या नहीं। एजेंसी के अनुसार, यदि सुनामी आती है, तो उसके न्यूजीलैंड तक पहुंचने में कम से कम एक घंटा लगेगा।आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने राष्ट्रीय सलाह जारी करते हुए बताया कि वे स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। यदि सुनामी की पुष्टि होती है, तो तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी जाएगी। इससे पहले, 2011 में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में 6.3 तीव्रता के भूकंप से 185 लोगों की मृत्यु हुई थी।
न्यूजीलैंड में भूकंप का इतिहास
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, न्यूजीलैंड दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है। इसका प्रमुख कारण इसका स्थान ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत टेक्टोनिक प्लेटों के बीच होना है, जिससे यह क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील बना रहता है। ऑस्ट्रेलिया-प्रशांत प्लेट की सीमा मैक्वेरी द्वीप से लेकर केरमाडेक द्वीप समूह तक फैली हुई है। 1900 के बाद से, न्यूजीलैंड में 7.5 या उससे अधिक तीव्रता के लगभग 15 भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिनमें से नौ मैक्वेरी रिज के निकट आए हैं। 1989 में, इसी क्षेत्र में 8.2 तीव्रता का एक विनाशकारी भूकंप भी आया था।
1931 में न्यूजीलैंड के हॉक्स बे क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जो देश के इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है। इस आपदा में 256 लोगों की जान चली गई थी। यह घटना न्यूजीलैंड में भूकंप सुरक्षा के महत्व को उजागर करने वाली सबसे घातक त्रासदियों में से एक थी।