मध्य प्रदेश

एमपी में कन्यादान योजना के तहत 44 हजार से ज्यादा विवाह का लक्ष्य, सरकार ने तय कीं प्रमुख तिथियां

भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार ने गरीब, जरूरतमंद और निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 44 हजार से अधिक जोड़ों के सामूहिक विवाह कराने की योजना बनाई गई है, जिस पर करीब 242 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इन तिथियों पर होंगे सामूहिक विवाह

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग के अनुसार, इस वर्ष सामूहिक विवाह के लिए तीन प्रमुख तिथियां तय की गई हैं। इनमें अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026), देवउठनी ग्यारस/तुलसी विवाह (20 नवंबर 2026) और वसंत पंचमी (11 फरवरी 2027) शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए संबंधित कलेक्टर एक अतिरिक्त तिथि भी निर्धारित कर सकेंगे।

हर जिले में होंगे बड़े स्तर पर आयोजन

प्रदेश के सभी 55 जिलों में इन सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक आयोजन में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़े शामिल होंगे। कुल मिलाकर लगभग 800 आयोजनों के जरिए 44 हजार से अधिक विवाह संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रति विवाह 55 हजार रुपये की सहायता

योजना के तहत प्रत्येक विवाह पर 55 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 49 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किए जाते हैं, जबकि 6 हजार रुपये आयोजन समिति को व्यवस्थाओं के लिए दिए जाते हैं।

पिछले साल भी रहा बड़ा आंकड़ा

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51,899 कन्या विवाह और 28,362 निकाह संपन्न कराए गए थे। इस पर राज्य सरकार द्वारा 321 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई थी।

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