उत्तर प्रदेशराज्य

शिक्षकों ने उठाई UP में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आवाज, 18 दिसंबर को लखनऊ में करेंगे विरोध प्रदर्शन

मैनपुरी : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को क्रिश्चियन इंटर कॉलेज परिसर में हुई। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध किया। इसके साथ ही निर्णय लिया कि 18 दिसंबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन में अपनी आवाज उठाएंगे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्णानंद दुबे ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा अधिकार है। कुछ राज्यों ने इसके पक्ष में निर्णय लेकर कर्मचारियों को लाभांवित किया है, लेकिन प्रदेश सरकार मनमानी पर उताऊ है।

प्रदेश सरकार की उपेक्षात्मक नीतियों से हर कर्मचारी परेशान हो चुका है। हम अपनी पुरानी पेंशन के अधिकार को हर हाल में लेकर रहेंगे। 18 दिसंबर को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत लखनऊ में धरना दिया जाएगा। जिला मंत्री विजय कुमार पीटर ने कहा कि इस विरोध के बाद सात से नौ जनवरी 2025 में आगरा के मुफीद-ए-आम इंटर कॉलेज में संगठन का प्रदेश सम्मेलन होगा। इससे पूर्व संगठन से जुड़े प्रत्येक शिक्षक को लखनऊ पहुंचकर पुरानी पेंशन के लिए अपनी आवाज मुखर करनी होगी। बैठक में जिलाध्यक्ष अशोक यादव, प्रदीप चतुर्वेदी, मुकेश चौहान, एके सिंह चौहान, ओमकांत दुबे, स्वतंत्र कुमार सिंह, प्रदीप यादव, गौरव दुबे, धर्मेंद्र सिंह, बृजलाल, शिवभवन, विनय त्रिपाठी, जलालुद्दीन आदि शिक्षक मौजूद रहे।

पुरानी पेंशन योजना/ओल्ड पेंशन योजना

ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) में रिटायरमेंट सरकारी कर्मचारियों को उनके अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत मासिक पेंशन के रूप में मिलता था।
डीए दरों में वृद्धि के साथ राशि बढ़ती रहती है।
कर्मचारी रिटायरमेंट पर अधिकतम 20 लाख रुपये के ग्रेच्युटी भुगतान के हकदार थे।
यदि किसी रिटायर्रड कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को निरंतर पेंशन लाभ मिलता है।
इसके अलावा, एनपीएस के विपरीत ओपीएस के तहत पेंशन योगदान के लिए कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं की जाती है।
हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्य पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पर वापस आ गए हैं।

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