
लखनऊ में पकड़ा गया आतंकी मॉड्यूल: टाइम बम बनाने की ट्रेनिंग, बड़े हमलों की थी साजिश
उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। यूपी एटीएस ने लखनऊ से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी टाइम बम बनाने की ट्रेनिंग ले रहे थे और देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े हमलों की योजना बना रहे थे।
बिजनौर आगजनी से खुला आतंकी नेटवर्क
पूरे मामले की शुरुआत बिजनौर में हुई आगजनी की घटना से हुई, जिसके बाद एटीएस ने इस मॉड्यूल की जांच शुरू की। चार मार्च 2026 को किरतपुर इलाके में एक पिकअप वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई, जिसके जरिए पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच के दौरान पुणे में हुई एक अन्य आगजनी की घटना के तार भी इससे जुड़े पाए गए।
पाकिस्तान से हो रहा था संचालन, अबू बकर का नाम सामने आया
जांच एजेंसियों के मुताबिक इस मॉड्यूल को पाकिस्तान में बैठे आतंकी अबू बकर द्वारा संचालित किया जा रहा था। वह युवकों को कट्टरपंथी वीडियो भेजकर उनका ब्रेनवॉश कर रहा था और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए उकसा रहा था। एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश में जुटी हैं।
अहम लोगों की जासूसी का मिला जिम्मा
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों को भारत की खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से जुड़ी सूचनाएं भी शामिल थीं। आरोपियों के मोबाइल से कई संवेदनशील सर्च और डेटा बरामद किए गए हैं।
डेटा डिलीट करने की कोशिश, फोरेंसिक टीम ने किया रिकवर
गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से डेटा और सर्च हिस्ट्री मिटाने की कोशिश की थी। एक आरोपी ने तो मोबाइल फॉर्मेट तक कर दिया था और चैट हिस्ट्री भी हटा दी थी। हालांकि, फोरेंसिक टीम ने तकनीकी मदद से यह डेटा रिकवर कर लिया, जिससे जांच में अहम सुराग मिले।
सीरियल ब्लास्ट और रेलवे हादसे की साजिश
एटीएस जांच में सामने आया है कि चारों आरोपी टाइम बम बनाना सीख रहे थे और देश के विभिन्न मॉल तथा इमारतों में सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे। इसके अलावा केमिकल बम के जरिए पार्किंग स्थलों में आग लगाने और रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाकर ट्रेन हादसे कराने की साजिश भी रची जा रही थी।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।



