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मार्च में ही तपने लगा देश, कई राज्यों में लू का खतरा; 8 राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन मौसम के बदलते मिजाज ने लोगों को चौंका दिया है। सुबह की हल्की ठंड अब तेजी से गायब हो रही है और दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी है। देश के कई हिस्सों में गर्मी समय से पहले ही दस्तक दे चुकी है, जिससे जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। इसी बीच मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने चिंता और बढ़ा दी है। एक तरफ कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी दी गई है, वहीं दूसरी ओर आठ राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम का यह उलटफेर न केवल आम लोगों के लिए चुनौती बन रहा है, बल्कि किसानों और यात्रियों की चिंता भी बढ़ा रहा है।

राजस्थान और गुजरात में लू का असर बढ़ा

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, गुजरात और मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है। अनुमान है कि 11 मार्च तक इन क्षेत्रों में पारा सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। खासकर राजस्थान, विदर्भ और गुजरात के कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। दिन के साथ-साथ अब रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है और पारा 3 से 4 डिग्री तक और ऊपर जा सकता है।

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, कई राज्यों में बारिश का अनुमान

जहां एक तरफ पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्से गर्मी से तप रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम का दूसरा रूप भी सामने आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 15 मार्च तक बना रहेगा। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

मैदानी इलाकों की बात करें तो बिहार और झारखंड में भी 10 और 11 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी 15 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में केरल और माहे में भी हल्की बारिश और बिजली कड़कने के आसार जताए गए हैं। इस दौरान कई इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी गर्मी

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिलहाल बारिश के आसार कम नजर आ रहे हैं। दिल्ली में गर्मी ने धीरे-धीरे अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है और 10 मार्च को अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन इससे बारिश की उम्मीद कम है और उमस बढ़ सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में दिल्ली के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में भी फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और बारिश का कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है। दिल्ली, लखनऊ और पटना जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि रात की ठंडक धीरे-धीरे खत्म हो रही है।

खेती और सेहत पर पड़ सकता है असर

मौसम के इस बदलते पैटर्न का असर खेती और सेहत दोनों पर पड़ सकता है। मार्च में अचानक बढ़ने वाली गर्मी रबी की फसलों, खासकर गेहूं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, क्योंकि अधिक तापमान दानों के विकास को प्रभावित कर सकता है। वहीं जिन इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा है, वहां खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के मौसम में लू और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अचानक गर्मी और बारिश के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान लोगों को पर्याप्त पानी पीना चाहिए और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च तक देश के कई हिस्सों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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