
गुरुग्राम : नौकरी की तलाश कर रही दिल्ली (Delhi) की एक महिला को लालच देकर गुरुग्राम (Gurugram) बुलाया गया और फिर वहां होटल में उसके साथ गैंगरेप किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंगरेप का आरोप जिन लोगों पर लगा है उनमें मुख्य आरोपी एक पुलिसवाला ही है। पीड़िता का आरोप है कि उसे हरियाणा पुलिस में सरकारी कुक की नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया था। गुरुग्राम पुलिस में तैनात हवलदार और उसके एक साथी ने होटल में नशा देकर उसके साथ दरिंदगी की। पीड़िता ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दिल्ली के कैंट थाने में शिकायत दी गई।
पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी ने पुलिस की धौंस दिखाने के साथ-साथ अश्लील फोटो खींच कर वायरल करने की धमकी दी गई। दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर एक फरवरी को दर्ज करने के बाद गुरुग्राम में भेज दी गई। जीरो एफआईआर के आधार पर डीएलएफ फेज-दो थाने में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूलरूप से दिल्ली कैंट निवासी 25 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब छह महीने पहले गुरुग्राम से करोल बाग की बस यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात सतीश कुमार नामक व्यक्ति से हुई थी। सतीश ने खुद को हरियाणा पुलिस का इंस्पेक्टर बताया और दावा किया कि उसकी पत्नी पलवल कोर्ट में जज है। उसने महिला को भरोसा दिलाया कि वह उसकी मुख्यमंत्री कोटे से हरियाणा पुलिस में कुक की सरकारी नौकरी लगवा देगा। उसके लिए तीन लाख रुपये लगेंगे। उसका झांसा देकर महिला का फोन नंबर लिया और जुलाई 2025 से उसको मैसेज भेजने शुरू कर दिए।
आरोपी सतीश ने नौकरी का झांसा देकर महिला का विश्वास जीता और उसे 29 जुलाई 2025 को दस्तावेजों के साथ गुरुग्राम बुलाया। उसके बाद अगस्त माह में महिला आरोपी के बुलाने पर एमजी रोड स्थित एक होटल में ले गया। आरोपी ने कहा कि अपना ही होटल है। होटल के कमरे में पहले से ही लंबू मौजूद था। सतीश और लंबू खान शराब पीने लगे। पीड़िता का आरोप है कि दोनों ने उसे चाय में नशीली दवा पिला दी और अर्धविक्षिप्त अवस्था में जब कमरे से बाहर जाने लगी, तो आरोपी सतीश ने उसका हाथ पकड़ लिया,उसके बाद दोनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(1), 123 और 3(5) के तहत गुरुवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होटल के रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच की जा रही है।
दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें भी बना लीं। विरोध करने पर सतीश ने पुलिसिया रौब दिखाया और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी। पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पहले दिल्ली कैंट थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जहां पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए जीरो एफआईआर दर्ज की। 18 फरवरी को आधिकारिक तौर पर गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-दो थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



