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अमेरिका में खत्म हुआ कोरोना की वजह से लगा राष्ट्रीय आपातकाल, तीन साल पहले ट्र्ंप शासन में हुआ था लागू

वॉशिंगटन : अमेरिकी सरकार ने देश में लागू कोविड पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी और नेशनल इमरजेंसी को खत्म करने का एलान किया है। बाइडन प्रशासन ने इसी साल जनवरी में एलान किया था कि वह कोरोना महामारी के हालात और मामलों की समीक्षा करने के बाद 11 मई से देश में राष्ट्रीय आपातकाल खत्म कर देगा। हालांकि, इससे एक महीने पहले ही राष्ट्रपति ने इमरजेंसी हटाने का एलान कर दिया। अमेरिका में यह आपातकाल पिछले तीन वर्षों से लागू था। इसे कोरोनावायरस संक्रमण के केस मिलने के बाद जनवरी 2020 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से लागू किया गया था।

व्हाइट हाउस की प्रेस रिलीज में कहा गया कि 10 अप्रैल 2023 को राष्ट्रपति बाइडन ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया, जिससे कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर लगाए गए राष्ट्रीय आपातकाल को खत्म किया जा रहा है। जिस प्रस्ताव पर बाइडन ने हस्ताक्षर किया है, उसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सांसद पल गोसर की ओर से पेश किया गया था और सदन में इसके पक्ष में 229 वोट पड़े थे, जबकि खिलाफ में 197 वोट होने की वजह से इसे पास कर दिया गया था।

सीनेट में भी इस प्रस्ताव को 68-23 के अंतर से पास करा लिया गया था। बाइडन की ओर से नए प्रस्ताव पर हस्ताक्षर के बाद अब जो कानून लागू हुआ है, उसके तहत अमेरिका में राष्ट्रीय आपातकाल और सार्वजनिक स्वास्थ्य इमरजेंसी भी खत्म हो गई है। हालांकि, इसका अमेरिका की आव्रजन नीति और छात्रों के कर्ज को खत्म करने की योजना पर क्या असर पड़ेगा, इसकी जानकारी अभी साफ नहीं है।

बता दें कि अमेरिका में कोविड इमरजेंसी लागू होने के बाद हर 90 दिनों पर उसे बढ़ाया जा रहा था। इस तरह जैसे अमेरिका में कोरोना के नए वैरिएंट का असर दिख रहा था, वैसे ही हेल्थ इमरजेंसी को विस्तार दिया जा रहा था। अब जब अमेरिका में कोविड के हालात सामान्य हैं और स्थिति नियंत्रण में है तो अमेरिका सरकार ने इमरजेंसी खत्म करने का फैसला किया है।

सरकार ने जनवरी में इमरजेंसी को तीन महीने बाद खत्म करने के पीछे का तर्क बताते हुए कहा था कि इससे अस्पतालों को समय मिल जाएगा कि वह अपने पेमेंट्स आदि को क्लीयर कर लें। बयान में कहा गया है कि अगर तुरंत इमरजेंसी खत्म कर दी जाती तो इससे कई अस्पतालों को नुकसान उठाना पड़ता। हालांकि, अस्पतालों की सुधरती स्थिति और कोरोना केसों की समीक्षा के बाद बाइडन प्रशासन ने इस आपातकाल को एक महीने पहले अप्रैल में ही खत्म कर लिया।

व्हाइट हाउस अब अमेरिका में कोरोना वैक्सीन को निजी सेक्टर को सौंपने की तैयारी कर रहा है। अभी तक वैक्सीन का खर्च सरकार द्वारा उठाया जा रहा था लेकिन अब मॉडर्ना और फाइजर जैसी वैक्सीन के लिए लोगों को 130 डॉलर प्रति वैक्सीन की दर से खर्च करने पड़ सकते हैं।

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