हथेली में छिपा है बुद्धिमानी का राज, उंगलियों की लंबाई से जानें कितना तेज है आपका दिमाग

नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि आपके हाथों की बनावट केवल आपकी खूबसूरती ही नहीं, बल्कि आपके दिमाग की काम करने की क्षमता के बारे में भी बहुत कुछ बताती है? ब्रिटेन की स्वानसी यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने एक हालिया शोध में उंगलियों की लंबाई और मस्तिष्क के विकास के बीच एक गहरा संबंध खोज निकाला है। आइए जानते हैं कि साइंस इस बारे में क्या कहता है।
क्या है 2D:4D रेश्यो का गणित?
एक्सपर्ट्स ने इस दिलचस्प कनेक्शन को 2डी : 4डी रेश्यो (2D:4D Ratio) का नाम दिया है। यहां ‘2डी’ का मतलब है आपकी इंडेक्स फिंगर, जिससे आप किसी चीज की ओर इशारा करते हैं। वहीं ‘4डी’ का मतलब है आपकी रिंग फिंगर, जिसमें अंगूठी पहनी जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जब बच्चा अपनी मां के गर्भ में होता है, तब उसे मिलने वाले खास हार्मोन्स, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन न केवल उसकी उंगलियों की लंबाई तय करते हैं, बल्कि उसके दिमाग के आकार और विकास को भी प्रभावित करते हैं।
शोध के चौंकाने वाले नतीजे
इस रहस्य को सुलझाने के लिए एक्सपर्ट्स ने 225 छोटे बच्चों पर एक स्टडी किया। इस रिसर्च के दौरान बच्चों के शारीरिक माप और उनके मानसिक विकास के बीच के तालमेल को बारीकी से परखा गया। स्टडी में यह पाया गया कि जिन लड़कों की पहली उंगली लंबी थी, उनके सिर का घेरा भी तुलनात्मक रूप से बड़ा था। विज्ञान की भाषा में बड़े सिर का संबंध अक्सर एक बड़े और तेजी से विकसित होने वाले दिमाग से जोड़ा जाता है।
गर्भ से ही शुरू होता है विकास
इस अध्ययन से यह साफ होता है कि हमारे शरीर की बनावट महज एक इत्तेफाक नहीं है। गर्भ के भीतर मिलने वाले हार्मोनल बदलाव बच्चे के शारीरिक और मानसिक भविष्य की नींव रखते हैं। अगर किसी बच्चे की इंडेक्स फिंगर लंबी है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि उसका दिमाग तेजी से विकसित हो रहा है।



