उत्तराखंड

चारधाम के लिए लाइन की टेंशन खत्म, अब दर्शन के लिए मिलेगा डिजिटल टोकन

उत्तराखंड में स्थित चार धामों की यात्रा यानी चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक होती है. हर साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत चारों स्थानों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. अब नए सीजन के लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई हैं. इस बार ऐसी व्यवस्था की गई है कि टोकन के लिए अब श्रद्धालओं को मंदिर में लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी.

दरअसल, इस बार डिजिटल टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा. ऐसे में श्रद्धालु ऑनलाइन टॉकन ले सकेंगे और उन्हें लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा. स्क्रिन पर नंबर दिखाया जाएगा और जब श्रद्धालु का नंबर आएगा, उन्हें दर्शन के लिए एंट्री दे दी जाएगी. इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रमुख सचिव ने निर्देश भी दे दिए हैं. इसको लेकर जनवरी लास्ट में होने वाली मीटिंग में पूरा प्लान तैयार किया जाएगा.

15 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे
उत्तराखंड सरकार इस समय शीतकालीन चारधाम यात्रा को सक्रिय रूप से संचालित कर रही है. यात्रा से जुड़े प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 15 हजार श्रद्धालु चारधाम पर दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं. मौसम विभाग ने राज्य के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है, जिसके चलते मुखबा, खर्साली, ऊखीमठ और पांडुकेश्वर जैसे शीतकालीन धामों में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.

मार्च से केदारनाथ तक रोपवे का काम शुरू
इस बीच केदारनाथ यात्रा को और आसान बनाने के लिए रोपवे परियोजना पर भी काम शुरू होने जा रहा है. मार्च महीने से सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. लगभग साढ़े बारह किलोमीटर लंबे इस रोपवे के पूरा होने के बाद श्रद्धालु सिर्फ 35 मिनट में केदारनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे. अभी श्रद्धालुओं को पैदल यात्रा में 6 से 9 घंटे लग जाते हैं, जबकि खच्चर या पालकी केजरिए से यात्रा करने में 5 से 7 घंटे का समय लगता है.

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