झारखण्ड

झारखंड भाजपा में जल्द होगा बड़ा संगठनात्मक बदलाव, मोर्चा-प्रकोष्ठ अध्यक्षों के नामों पर अंतिम मुहर, नई टीम का ऐलान तय

झारखंड भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू जल्द ही पार्टी के सात मोर्चों और पांच प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद अब नई टीम के गठन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।

दिल्ली में मंथन के बाद जल्द घोषणा की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, आदित्य साहू संभावित नामों की सूची लेकर दिल्ली पहुंचे हैं, जहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। इस बैठक के बाद अगले सात दिनों के भीतर नई टीम की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।

महिला और युवा मोर्चा पर सबसे ज्यादा नजर

पार्टी के अंदर सबसे ज्यादा चर्चा महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद को लेकर हो रही है। इसके अलावा ओबीसी मोर्चा के लिए ऐसे चेहरे की तलाश की जा रही है, जिसकी पिछड़े वर्ग में मजबूत पकड़ हो। दो बार ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष रहे अमरदीप यादव को इस बार प्रदेश की मुख्य कमेटी में मंत्री बनाया गया है, जिससे नए चेहरे को मौका मिलने की संभावना बढ़ गई है।

मुख्य कमेटी से बाहर रहे नेताओं को मिल सकता है मौका

भाजपा की मुख्य कमेटी में इस बार कई बड़े नाम शामिल नहीं हो पाए हैं। ऐसे नेताओं को संगठन में सक्रिय बनाए रखने के लिए पार्टी उन्हें मोर्चा, प्रकोष्ठ या जिला प्रभारी जैसी जिम्मेदारियां दे सकती है। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रमुख और मीडिया प्रभारी जैसे पदों पर भी नए चेहरों को लाने की तैयारी चल रही है।

आरती कुजूर और शशांक राज की भूमिका अहम

पिछली मुख्य कमेटी में शामिल रही आदिवासी समाज की नेता आरती कुजूर की वापसी की संभावना जताई जा रही है। उन्हें महिला मोर्चा या जनजातीय मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं, युवा मोर्चा में शशांक राज को दोबारा मौका मिलने की चर्चा है।

क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस

पार्टी ओबीसी मोर्चा के लिए वैश्य समुदाय से किसी प्रतिनिधि को आगे ला सकती है। साथ ही संताल परगना क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने के लिए पूर्व विधायक अमित मंडल की भूमिका भी बढ़ाई जा सकती है। भाजपा संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

सक्रिय नेताओं को जोड़कर रखने की रणनीति

पिछली कमेटी के दौरान राकेश भास्कर, सुरेश साव और रमेश सिंह जैसे नेताओं ने महत्वपूर्ण मौकों पर सक्रिय भूमिका निभाई थी। हालांकि, उन्हें मुख्य कमेटी में जगह नहीं मिल सकी। अब पार्टी नेतृत्व इन नेताओं को संगठन से जोड़े रखने के लिए नई जिम्मेदारियां देने की तैयारी में है।

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