
नई दिल्ली : स्वस्थ शरीर के लिए बॉडी में सभी पोषक तत्वों का होना जरूरी है। विटामिन-डी भी ऐसा ही एक न्यूट्रिएंट है जो व्यक्ति को स्वस्थ रखता है। विटामिन- D का सबसे बड़ा स्रोत धूप को माना जाता है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोज लोगों को 15 से 20 मिनट धूप में बैठने की सलाह देते हैं। माना जाता है कि जब त्वचा सूर्य की किरणों के संपर्क में आती है तो इससे शरीर कोलेस्ट्रॉल के जरिये विटामिन-डी बनाता है।
थकान: नींद पूरी होने के बावजूद भी अगर लोगों को थकान की समस्या हो रही है तो ये विटामिन-डी की कमी की ओर संकेत करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि ये विटामिन बॉडी (Vitamin body) को एनर्जी प्रदान करता है, ऐसे में विटामिन डी की कमी के कारण आराम करने के बाद भी थका-थका महसूस कर सकते हैं।
हेयर लॉस: बाल झड़ना विटामिन-डी की कमी के सबसे आम लक्षणों में से एक है। हेयर फॉलिकल्स (Hair follicles) के विकास के लिए ये विटामिन बेहद जरूरी है, ऐसे में इसकी कमी से बाल प्रभावित होते हैं। साथ ही, इस विटामिन की कमी से एक ऑटो-इम्युन स्थिति बन सकती है जो पैची हेयर लॉस (Patchy hair loss) का कारण बनता है।
पीठ में दर्द: हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन-डी जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं। इससे हड्डियों में असहनीय दर्द होता है जो कई बार बिना डॉक्टरी सलाह के ठीक नहीं हो पाता है। बता दें कि विटामिन-डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करता है। ऐसे में हड्डियों, मांसपेशियों (Muscles) या फिर पीठ में दर्द इस विटामिन की कमी को दर्शाता है।
कमजोर इम्युनिटी: इस विटामिन की कमी से लोगों की इम्युनिटी (Immunity) कमजोर हो जाती है जिससे लोग अक्सर बीमार रहने लगते हैं। बार-बार सर्दी या फ्लू होना विटामिन डी की कमी की ओर इशारा कर सकता है।
मूड खराब होना: स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि लोगों के मूड को खुशनुमा बनाए रखने के लिए भी विटामिन डी जरूरी है। इसकी कमी से लोग डिप्रेशन (depression) के शिकार हो सकते हैं।
कैसे करें इस कमी को दूर: धूप सेकने से शरीर में विटामिन-डी की पूर्ति होगी, साथ ही मशरूम, बादाम, ब्रोकली, अंडा, दूध, पनीर, सोया उत्पाद, मछली, मक्खन, दलिया और संतरे के जूस में भी प्रचुर मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है।



