टॉप न्यूज़फीचर्डब्रेकिंगराजनीतिराज्य

राजस्थान में सचिन पायलट के करीबियों ने कहा-बहुमत साबित करें अशोक गहलोत

जयपुर : राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार से खफा राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। यह पुष्टि उनके करीबियों ने की है। लेकिन, करीबियों ने यह भी दावा किया है कि गहलोत सरकार अल्पमत में है। अगर अशोक गहलोत के पास बहुमत है तो वो विधानसभा में इसे साबित करें, अपने विधायकों को होटल में क्यों भेज रहे हैं। दरअसल, राजस्थान के सीएम गहलोत के आवास पर सोमवार को विधायकों की बैठक हुई। फोटो भी सामने आई, जिसमें मुख्यमंत्री और विधायक विक्ट्री साइन दिखा रहे थे। लेकिन, 107 में से 18 विधायक गायब रहे, जो पायलट खेमे के थे। पर, गहलोत सरकार ने दावा किया कि बैठक में 102 विधायक पहुंचे थे। बहुमत के लिए 101 विधायक जरूरी हैं।

सचिन पायलट का दावा है कि उनके संपर्क में 30 से ज्यादा विधायक हैं। इसे सही मानें तो गहलोत सरकरा अल्पमत में आ जाएगी। कांग्रेस के 107 में से 30 विधायक इस्तीफा देते हैं तो सदन में विधायकों की संख्या 170 हो जाएगी। ऐसे में बहुमत के लिए 86 विधायकों की जरूरत होगी। 30 के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास 77 विधायक बचेंगे। एक आरएलडी विधायक पहले से उनके साथ है। कांग्रेस की कुल संख्या 78 होगी। यानी बहुमत से 8 कम। उधर, आरएलपी के 3 विधायक मिलाकर भाजपा के पास 75 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए भाजपा को निर्दलीय तोड़ने होंगे। प्रदेश के 13 विधायकों में फिलहाल 10 कांग्रेस समर्थक हैं। अगर इसमें से भाजपा 8 विधायक अपनी तरफ कर ले तो सरकार बना सकती है।


मिली जानकारी के अनुसार जो विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए, उनमें राकेश पारीक, मुरारी लाल मीणा, जीआर खटाना, इंद्राज गुर्जर, गजेंद्र सिंह शक्तावत, हरीश मीणा, दीपेंद्र सिंह शेखावत, भंवर लाल शर्मा, इंदिरा मीणा, विजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी, पीआर मीणा, रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, रामनिवास गावड़िया, मुकेश भाकर और सुरेश मोदी हैं। रविवार देर रात पार्टी ने व्हिप जारी किया था। इसके मुताबिक, यदि कोई विधायक बिना किसी विशेष कारण के गैरहाजिर रहेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रविवार शाम डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दावा किया था कि 30 कांग्रेस विधायक उनके समर्थन में हैं और राज्य की गहलोत सरकार अल्पमत में है। इसके साथ पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मनमुटाव को भी स्पष्ट कर दिया। कहा कि वे विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, राजस्थान कांग्रेस के इंचार्ज अविनाश पांडे ने दावा किया कि हमारे पास 109 विधायकों के समर्थन पत्र हैं। गहलोत सरकार बहुमत में है। रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी से शामिल होने की अपील की। कहा कि किसी तरह का कोई मनमुटाव है तो पार्टी अध्यक्ष और आलाकमान से बात कर सकते हैं।

सचिन पायलट प्रदेश में पार्टी प्रभारी अविनाश पांडे के सामने अपनी बात रख सकते हैं। पायलट जयपुर आने का समय भी बता सकते हैं। बैठक में उनका इंतजार रहेगा। सचिन पायलट आज नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। कांग्रेस के एक तिहाई विधायकों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। इस तरह प्रदेश में तीसरे मोर्चे का गठन हो सकता है। ‘प्रगतिशील कांग्रेस’ के नाम से तीसरा मोर्चा खड़ा करने की संभावना है। सोमवार को ही सीएम गहलोत के करीबी दो कांग्रेस नेताओं धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा के जयपुर, कोटा, दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापा मारा। राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा- पायलट से बात करने की कोशिश की, मैसेज भी किया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। वे पार्टी से ऊपर नहीं हैं।

छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने न्यूज एजेंसी से कहा कि सचिन पायलट अब भाजपा में हैं। बाद में ट्वीट किया कि मुझसे सिंधिया को लेकर सवाल किया गया था। सिंधिया की जगह पायलट का नाम निकल गया। गलती से ऐसा हो गया। सचिन पायलट विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही एसओजी का नोटिस मिलने के बाद से नाराज हैं। उन्हें कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। इस बीच, सीएम गहलोत ने रविवार रात 9 बजे विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद गहलोत समर्थक विधायक ने दावा किया कि हमारे जितने विधायक जाएंगे, उससे ज्यादा विधायक हम भाजपा से ले आएंगे।

Related Articles

Back to top button