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पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट पर ट्रंप हत्या की साजिश का मुकदमा शुरू, जानिए क्‍या है पूरा मामला

नई दिल्ली : ईरान (Iran) से संबंध रखने वाले पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का मुकदमा ब्रुकलिन की फेडरल कोर्ट में शुरू हो गया है। आरोप है कि मर्चेंट 2024 में न्यूयॉर्क में ऐसा नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था, जिससे अमेरिका में राजनीतिक हत्याएं की जा सकें, जिसमें ट्रंप भी उसके निशाने पर थे। अगर दोष साबित होता है तो उसे उम्र कैद की सजा हो सकती है।

एफबीआई की जानकारी के अनुसार, मर्चेंट ने हत्या के लिए दो लोगों को 5 हजार डॉलर एडवांस दिए थे। हालांकि, ये दोनों लोग अंडरकवर एजेंट थे। कोर्ट में वकीलों ने बताया कि मर्चेंट ने राजनीतिक और उच्च पदस्थ राजनेताओं की हत्या का प्लान बनाया था, लेकिन इसे जमीन पर उतारने से पहले ही पकड़ा गया। वीडियो साक्ष्यों में यह दिखाया गया कि मर्चेंट होटलों में बैठकों के जरिए लोगों को अपने खतरनाक प्लान के बारे में समझाता था और अमेरिका में चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ना चाहता था।

रिपोर्ट के अनुसार, मर्चेंट अमेरिका आने से पहले ईरान में ही रह रहा था और उसके ईरानी कनेक्शन थे। ईरान ने हालांकि इस तरह की किसी साजिश से इनकार किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2000 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान अमेरिका में हत्याएं करवाने के प्रयासों में था।

इससे पहले, फ्लोरिडा के फोर्ट पियर्स कोर्ट ने ट्रंप पर गोली चलाने वाले रयान रूथ को उम्रकैद की सजा दी थी। रूथ ने ट्रंप के गोल्फ कोर्स के आसपास छिपकर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने उसे पकड़ लिया। बचाव पक्ष ने कहा कि रूथ की उम्र लगभग 60 वर्ष है और उसे स्वास्थ्य की परेशानियों के अनुसार सजा दी जानी चाहिए। आसिफ मर्चेंट के मामले में अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि राजनीतिक हत्याओं की साजिश की गंभीरता के चलते जांच और कानूनी कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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